Ad

Showing posts with label व्यवसाय की योजना. Show all posts
Showing posts with label व्यवसाय की योजना. Show all posts

Monday, 29 February 2016

सपने देखना बंद करो और शुरू करो

एक सपना है और एक सपना देख रहे हैं दो अलग चीजें हैं। कुछ लोग अपनी पूरी जिंदगी पैसा और प्रसिद्धि पाने का सपना देखने में व्यतीत कर देते हैं। लेकिन सिर्फ सपने देखने से लक्ष्य की प्राप्ति नहीं होती। किसी भी लक्ष्य को हासिल करने के लिए एक ही रास्ता है और वो है कर्म।

अपनी आँखे खोलिये, अपने व्यवहार को बदलें और बाहर निकलें कुछ करने के लिए। एक कहावत है ‘जब जागो तभी सवेरा’। समय की चिंता न करें, शायद आपके लिए कुछ करने का उचित समय यही हो। आपकी योजना हमेशा उस तरह काम नहीं करता जिस तरह आप चाहते हैं। आपको बहुत से बाधाओं का सामना करना पड़ता है। आप इन्हीं बाधाओं से सबक सीखकर आत्मविश्वास हासिल करते हैं।
हम सब की कुछ कमजोरियां हैं , हम सब गलतियाँ करते हैं लेकिन हमें इसे आदत नहीं बनाना चाहिए। तो, सपना देखना छोड़ अपने लक्ष्य की प्राप्ति के लिए अपने काम में लग जाओ।

Thursday, 21 January 2016

निवेशकों तक कैसे पहुंचे

स्टार्टअप के लिए पूंजी जुटाना एक मुश्किल काम है और यह हमेशा रहेगा। प्रतिभूति और विनिमय आयोग द्वारा उद्यमियों के लिए उन्हें अपने स्टार्टअप या छोटे व्यवसायों के लिए धन जुटाने में मदद करने के लिए निवेशकों के चयन करने की अनुमति देता है। संस्थागत निजी निवेश बाजार में सबसे अधिक सक्रिय बल बने हुए हैं। वास्तव में, अब संस्थागत पूंजी की तलाश करने के लिए हाल के इतिहास में बेहतर समय में से एक है। ज्यादातर पूंजी निवेश फर्म नई कंपनियों के एक बहुत छोटी संख्या में निवेश करते हैं। कई ऑनलाइन प्लेटफॉर्म निवेशकों और उद्यमियों के बीच पूल का काम करते हैं। कुछ निवेशक अधिकतम लाभ के लिए अधिकतम जोखिम लेना पसंद करते हैं।
एक उधमी के रूप में आपको सोचना होगा की आपका पहला कदम क्या हो। आपको निवेशक की पृष्ठभूमि भी देखनी चाहिए, निवेशक किसी दूसरी कंपनी में कितना निवेश किया और उसकी भूमिका क्या है ? आपका निवेशक पिछले एक साल में किन-किन कंपनियों में कितना निवेश किया ?

Wednesday, 20 January 2016

अपने लाभ को अधिकतम कैसे करें

सभी व्यवसायी ज्यादा से ज्यादा लाभ अर्जित करना चाहते हैं। इसी उद्देश्य की पूर्ति के लिए व्यवसायी लागत में कई तरह की कटौती करता है और उत्पादकता को बढ़ावा देता है। व्यापार में मुनाफे के लिए व्यापार में निवेश किया जाता है।
पैसा कहां खर्च किया जा रहा है इसका विश्लेषण करें। खर्चों की अन्य श्रेणियों की समीक्षा करें। यदि किसी विशिष्ट श्रेणी के खर्चे में वृद्धि होती है, तो उस श्रेणी का विवरण देखें। शायद आप विज्ञापन की लागत में वृद्धि की थी। यदि कच्चे माल या संबंधित माल के दरों में वृद्धि होती है तो आपको अपने बिक्री मूल्य में वृद्धि कर देनी चाहिए। अपने कर्मचारियों को प्रेरित करें। आपके कर्मचारी खुश रहेंगे तो कम खर्चे में भी अधिक उत्पादन प्राप्त कर सकते हैं। यादगार रखें यह हमेशा संभव नहीं व्यावसायिक क्षेत्र में जैसा आप चाहे वैसा ही हो। कई आर्थिक कारक आपके लाभ को प्रभावित कर सकते हैं।

Thursday, 7 January 2016

कम पूंजी से व्यवसाय शुरू करें

आपने कभी कारोबार शुरू करने का सपना देखा है? अपना व्यवसाय शुरू करने पर आप मालिक होंगे और अधिकांश ईक्विटी आपकी होगी। यदि आपका व्यवसाय सफल रहा, तो काफी आय होने की संभावना रहेगी। खुद के कारोबार की सबसे बड़ी सुविधा यह है कि यहाँ काम के घंटो में लचीलापन रहता है, जबकि काम कम नहीं रहता। शुरू किया गया नया उद्यम आपका अपना विचार है, आपका अपना कारोबार है। आपके विचार की सफलता के लिए उत्साह अत्यंत महत्वपूर्ण है। अगर आप अपना खुद का कारोबार शुरू करने या अपने विचार को आगे बढ़ाने की बात सोचकर उत्साहित नहीं होते तो फिर यह आपके मौजूदा काम से भला किस तरह अलग होगा। अपने व्यावसायिक विचार को आगे बढ़ाकर खुद को सफल होने का एक मौका जरूर दें। कम लागत के साथ आप अपने खुद के मालिक होने की योजना के लिए रणनीति बना सकते हैं। सफल अवसरों और रणनीतियों को खोजने के लिए यहां पर कुछ संसाधनों पर एक नजर है।



Arts & crafts business                                   photography
Interior designer                                           Event planning
Hobby business                                            Cleaning
Sports business                                           Tutoring service
Business support                                          Remodeling contractor
Consulting                                                    Personal shopper
Desktop publishing                                       Financial Advisor
Security specialist                                         Child-care

Saturday, 5 September 2015

स्मार्टफोन से कमा सकते हैं लाखों रु.

अगर आपके पास स्मार्टफोन है और फोटोग्राफी का शौक रखते हैं तो आपघर बैठे लाखों रूपए कमा सकते हैं। कई ऑनलाइन वेबसाइट आपके फोटो खरीदने के लिए तैयार हैं। आप फोटो खींचकर वेबसाइट पर अपलोड कर सकते हैं। कंपनी इन फोटो का इस्तेमाल दुनिया के अलग-अलग देशों में करती हैं। यदि आपका फोटो चुना जाता है, तो आपको एकमुश्त भुगतान के बाद रॉयल्टी भी मिलेगी।
विभिन्न वेबसाइट्स पर फोटो भेजने के लिए जरूरी नहीं कि आपके पास प्रोफेशनल कैमरा हो, आप अपने स्मार्टफोन से भी फोटो खींच सकते हैं। हालांकि, फोटो पिक्सल का ख्याल रखना जरूरी है। पिक्चर क्वालिटी बेहतर होगी, तभी कंपनी आपको डिमांड भेजेगी।
इन वेबसाइट्स पर कर सकते हैं फोटो अपलोड
इस वेबसाइट के 100 देशों में 1.50 मिलियन के अधिक क्लाइंट हैं। शुरुआत में फोटो की कीमत उसकी क्वालिटी के आधार पर तय की जाती है। कंपनी की डिमांड के मुताबिक आपको फोटो उपलब्ध करानी होगी। जिसके बाद आपको उसकी कीमत मिल सकेगी।
इस वेबसाइट का दावा है कि वह 150 से अधिक देशों में डील करती है। अब तक यह अपने कंट्रीब्यूटर को 250 मिलियन डॉलर से अधिक पेड कर चुकी है। कंपनी के पास रॉयल्टी फ्री फोटो अपलोड करने का भी ऑप्शन है।
वेबसाइट पर फोटो, इलस्ट्रेशन और वीडियो अपलोड किए जा सकते हैं। यहां आपको रॉयल्टी फ्री फोटो अपलोड करने का विकल्प मिलेगा। हां, आपके द्वारा लिए गए फोटो के पिक्सल अच्छे होने चाहिए। इसके लिए बेहतर कैमरा उपयोग करेंगे, तो अच्छा रेस्पॉस मिलेगा।

Sunday, 18 January 2015

शुरू करें 'कुछ' अपना

रूटीन लाइफ की नौकरी पर निकलते वक्त हमेशा आपको लगता है कि 'कुछ' अपना करता तो ज्यादा अच्छा होता। किसी आस-पड़ोस वाले या दोस्त को बिज़नस  दम पर दशकों की दौड़ वर्षों में पूरा करते देखने पर लगता है कि 'कुछ' अपना करता तो अच्छा होता। यह कुछ करने का आइडिया आपको सोने नहीं दे रहा तो अब वक्त आ चुका है  कुछ अपना करने का। 
Step 1- आपका आइडिया क्या है ?
यह बात भले ही आप कई बार सुन चुके हों कि एक आइडिया  आपकी दुनिया बदल सकता है लेकिन है यह सौ फीसदी सच। आप अपने आस-पास नज़र दौड़ाइए और देखिए किसी एक इंसान की आइडिया ने दुनिया बदल रखी है। वह चाहे आपके किचन में सीटी देने वाला कुकर हो  दुनियाभर में एक नया समाज खड़ा कर देने वाला फेसबुक। सभी की शुरुआत एक आइडिया से हुई। अपने आइडिया को परवान चढ़ाने से पहले कुछ सवाल खुद से पूछें। 
  • क्या मेरे उत्पाद या सेवा की वाकई में किसी को जरुरत है ?
  • क्या इस जरुरत को पूरा करने के लिए शुरू किये बिज़नस से आपको फायदा होगा ?
  • क्या मेरे आइडिया पर पहले से कंपनियां काम कर रही है अगर हां तो आप उनसे कैसे बेहतर या अलग हैं ?
  • क्या मेरे आइडिया को जमीन पर लाना संभव है ?
  • मेरा आइडिया कितना सुरक्षित है ?
  • मेरा आइडिया अच्छा तो है लेकिन क्या इसे लोगों तक पहुंचाना मुमकिन है ?
  • इसे बनाने और इसकी मार्केटिंग में आने वाला खर्च को जुटाना क्या मुमकिन है ?
  • बिज़नस से मुनाफा मिलने की दर इतनी होगी कि मैं सफलता से अपने बिज़नस को जमाए रख सकूं ?
  • क्या मैं अपने आइडिया को कॉपीराइट या पेटेंट के जरिए सुरक्षित करने की स्थिति में हूं ?
  • कहीं मेरा आइडिया किसी दूसरे के पेटेंट या कॉपीराइट का उल्लंघन तो नहीं है ?
  • क्या इसके लिए कच्चा माल और मैन पावर उपलब्ध है ?
अगर आपका आइडिया इन कसौटियों पर खरा नहीं उतरता है तो मतलब साफ है इसमें और सुधार करने का वक्त निकालना पड़ेगा। अगर आइडिया फिट है तो अगला कदम एक्सपेरिएंस सर्वे का आता है। 
Step 2- क्या है एक्सपेरिएंस सर्वे
इसका मतलब है आपको अपने आइडिया से जुड़े विशेषज्ञ से मिलना चाहिए और उनकी सूक्ष्म दृष्टि का फायदा उठाना चाहिए। ये लोग आपके लिए मददगार साबित हो सकते हैं। 
इंजीनियर: यह वक्त तकनीक का है और आपके आइडिया से जुड़े इंजीनियर से बेहतर इसके बारे में कोई नहीं बता सकता। उससे बिज़नस के तकनिकी पहलू पर राय ले सकते हैं। 
सप्लायर: आपके बिज़नस आइडिया में कच्चे माल या सर्विसेज़ में सप्लाई चेन की बड़ी भूमिका है। इसलिए इसकी उपलब्धता और कीमत लेकर रखना जरुरी है।
एजेंट: कई बार आपके बिज़नस और ग्राहक के बीच एजेंट की भूमिका अहम होती है। ऐसे में आपको उससे बात करना होगा।
सरकारी अधिकारी/वकील: इनसे सेफ्टी लाइसेंस, पॉल्यूशन सर्टिफिकेट, लेबलिंग या कानूनी सलाह ले सकते हैं।
इस सबके अलावा आपका आइडिया चाहे जितना भी ओरिजनल क्यों न हो इस बात की गुंजाइश बनी रहती है कि कोई और भी इसे कर रहा हो। इसलिए जितना हो सके रिचर्स कर लें। इसमें इंटरनेट मददगार हो सकता है। मार्केट में कम्पीटीशन के बारे में रिसर्च जरुरी है। बेहतर होगा कि उनकी प्राइसिंग, मार्केटिंग, डिस्ट्रीब्यूशन, और मुनाफे के बारे में अच्छी तरह से जान लें।
step 3: कंपनी रजिस्ट्रेशन
भारत में किसी भी कंपनी को रजिस्टर्ड करने के लिए बाकायदा मिनस्ट्री ऑफ़ कॉर्पोरेट अफेयर काम करती है। भारत में कंपनियां दो स्वरूपों, सोल प्रोप्राइटरशिप और प्राइवेट लिमिटेड कंपनी की तरह रजिस्टर कराया जा सकता है।

  • कंपनी लॉ के अनुसार किसी भी रजिस्टर्ड कंपनी  कम से कम 2 पार्टनर और 2 शेयर होल्डर होना जरुरी है। 
  • शेयर होल्डर्स किसी भी हाल में 50 से अधिक नहीं हो सकते। 
  • किसी भी प्राइवेट लिमिटेड कंपनी में आम पब्लिक शेयर नहीं खरीद सकती है। 
  • ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन के लिए इस वेबसाइट पर जा सकते हैं। 
  • सोल प्रोप्राइटरशिप बिज़नस करने के लिए किसी कंपनी लॉ के तहत रजिस्ट्रेशन नहीं कराना पड़ता है। 
  • नई कंपनी खोलने का यह आसान और पुराना तरीका है। 
  • ऐसी कंपनी का बैंक अकाउंट तो कंपनी के नाम पर ही होता है लेकिन उसे ऑपरेट कंपनी का फाउंडर अपने हस्ताक्षर से ही करता है। 
  • इसमें किसी तरह के कम से कम या अधिक से अधिक पैसे की लिमिट नहीं होती। 
  • ऐसी कंपनी की पहचान उसके मालिक से होती है और इसके अलावा उसकी कोई कानूनी वैधता नहीं होती। 
Step 4: फंड का जुगाड़
इतना सब करने के बाद भी एक सच्चाई का सामना आपको करना पड़ेगा कि आपका बेहतरीन आइडिया अभी कागजों पर ही है। इसे जमीन पर लाने के लिए सबसे जरुरी चीज यानि पैसे। इसके इंतजाम के लिए अनुभवी बिजनसमैन तरीके बताते हैं।

  1. अपना पैसा लगा कर 
  2. बैंक से लोन लेकर 
  3. किसी पार्टनर को फाइनेंसर बना कर या हिस्सेदारी देकर। 
  4. VC (वेंचर कैपिटलिस्ट) के सहारे कैसे मिलेगा बैंक से लोन 
  • अपना बिज़नस शुरू करने के लिए अगर आपको बैंक लोन लेना है तो कंपनी लॉ के तहत रजिस्ट्रेशन होना जरुरी है। 
  • इसके बाद कंपनी को मिनिस्ट्री ऑफ़ माइक्रो स्मॉल एंड मीडियम इंटरप्राइजेज से अप्रूवल लेना होगा। यह तब ही मिलेगा जब इस मिनिस्ट्री की गाइडलाइन पर आप खरा उतरेंगे। इसकी पूरी जानकारी आप इस वेबसाइट पर ले सकते हैं। 
  • एक बार यहाँ से अप्रूव हो जाने के बाद बैंक 1 करोड़ तक का लोन बिना कुछ गिरवी रखे दे सकता है। 
  • बैंक लोन के लिए खाता खुलवाते वक्त की गयी औपचारिकताओं के अलावा बिजनस की प्रोजेक्ट रिपोर्ट भी मांगती है। 
  • अगर प्रोडक्शन से जुड़ा बिजनस शुरू करते हैं तो पॉल्यूशन और लेबर मिनिस्ट्री मिलने वाली एनओसी भी देनी पड़ती है। 
  • अगर कंपनी केवल एक इंसान द्वारा चलाई जाने वाली है या शुरू करने के लिए पैसा चाहती है तो उसे स्टेट लेवल पर चलने वाले डिपार्टमेंट ऑफ़ माइक्रो स्मॉल एंड मीडियम इंटरप्राइजेज से संपर्क करना होता है। हर राज्य में इनके लिए अलग-अलग मापदंड रखे गए हैं। 
बैंक से लोन लेकर बिजनस करने का पारंपरिक तरीका अब लोगों को उतना पसंद नहीं आ रहा जितना प्राइवेट इक्विटी या वेंचर कैपिटलिस्ट के जरिये बिजनस शुरू करके आ रहा है। इसका सबसे बड़ा कारण यह है लोन लेकर बिजनस करने में सारा दारोमदार आप पर आ जाता है जबकि वेंचर कैपिटलिस्ट आइडिया से लेकर एक्सपर्ट एडवाइस तक देने के लिए तैयार रहते हैं। 
step 5: प्लान होना चाहिए दमदार
अपने बिजनस को जमीन पर लाने के लिए जरुरी है एक बिजनस प्लान। यह प्लान वह दस्तावेज है जो दिखाता है कि कितनी गहराई से अपने बिजनस को समझते हैं और यही इन्वेस्टर को आपकी ओर आकर्षित करेगा। 
बिजनस प्लान के मुख्य फीचर्स होते हैं:
बिजनस डिटेल्स:
  1. नाम 
  2. लोकेशन 
  3. प्रॉडक्ट 
  4. मार्केट और कॉम्पटीशन 
  5. मैनेजमेंट का अनुभव 
मार्केट विश्लेषण: 
  1. अपने प्रॉडक्ट से जुड़ी पूरी मार्केट का ब्योरा 
  2. इंडस्ट्री के झुकाव की जानकारी 
प्रॉडक्ट या सर्विस:
  1. प्रॉडक्ट या सर्विस लाइन का पूरा ब्योरा 
  2. पेटेंट, कॉपीराइट और लीगल इश्यू 
मैनुफैक्चरिंग प्रॉसेस:
  1. मैटीरियल
  2. कच्चे माल की सप्लाई का ब्योरा 
  3. उत्पादन का तरीका 
मार्केटिंग की रणनीति:
  1. किन तरीकों से होगी मार्केटिंग 
  2. प्रॉडक्ट या सर्विस की कीमत कितनी होगी 
  3. प्रॉडक्ट या सर्विस बेचने का कौन सा तरीका अपनाएंगे 
मैनेजमेंट प्लान:
  1. किस तरह का ऑफिस संरचना अपनाएंगे 
  2. बोर्ड ऑफ़ डायरेक्टर या ओनरशिप किसके पास होगी 
  3. कामों की जिम्मेदारी किस पर कौन सी होगी 
  4. कितने कर्मचारी होंगे 


Monday, 6 October 2014

आधुनिक युग में ब्यूटीपार्लर व्यवसाय में अपार संभावनाएं

सौंदर्य के प्रति महिलाओं की जागरूकता यूं तो आदिकाल से ही है, परन्तु आज के फैशनपरस्त माहौल में पूरा महिला वर्ग चाहे वह कॉलेज की छात्रा हो या गृहणी,  सौंदर्य के प्रति सजग हैं। सौंदर्य के प्रति सजगता न केवल युवतियों  बल्कि युवा लड़कों एवं अधिक उम्र की महिलाओं में भी देखी जा सकती है। युवा पुरुष और महिलाएं तो फिल्मी सितारों की तरह सुंन्दर दिखने के लिए हजारों रूपये खर्च करने को तैयार रहते हैं, जबकी फिल्मी सितारे तो अपनी खूबसूरती की ही रोटी खाते हैं। खूबसूरत बनने की उनकी ललक को अंजाम दे रहे हैं ब्यूटी पार्लर। जब सभी खूबसूरत नजर आना चाहते हैं तो निश्चित तौर पर ब्यूटी पार्लर और ब्यूटीशियन्स का काम भी बड़े पैमाने पर होगा ही। आज के फलते-फूलते स्वरोजगारों पर नजर डालें तो ब्यूटी पार्लर का काम उनमें अलग ही चमकता नजर आएगा।

Monday, 21 July 2014

किराना कारोबार, छोटे स्टोर्स के साथ बनें स्मार्ट बिजनेसमैन

यदि आप किराना कारोबार में मौका ढूंढ रहे हैं तो यह आपके लिए फायदेमंद साबित हो सकता है। खुदरा व्यापार में एक खुदरा व्यापारी निर्माता या थोक व्यापारी के माध्यम से माल या उत्पाद खरीदता है, और फिर अंतिम उपयोगकर्ता को छोटी मात्रा में बेचता है। खुदरा प्रतिष्ठानों  को अक्सर दुकान या स्टोर कहा जाता है। खुदरा व्यापारी आपूर्ति श्रृंखला के अंत में होते हैं। दुकानें आवासीय सड़कों पर, बाजारू गलियों में या एक शॉपिंग मॉल में हो सकती है।दुनिया के कुछ भागों में, खुदरा व्यापार में अभी भी परिवार-संचालित छोटी दुकानों का वर्चस्व है।  
खुदरा को आमतौर पर उत्पादों के निम्नलिखित प्रकार के अनुसार वर्गीकृत किया जाता है।

Friday, 18 July 2014

डेयरी उद्योग- मशीन मिल्किंग प्रणाली


डेयरी व्यवसाय के बारे में हम पहले भी चर्चा कर चुके हैं। आज इस व्यवसाय से जुड़ी कुछ नई बातें बता रहा हूँ, जिससे आपके डेयरी व्यवसाय में समय, पैसे और श्रम शक्ति की काफी बचत होगी। आधुनिक मशीन मिल्किंग प्रणाली का सर्वप्रथम उपयोग डेनमार्क व नीदरलैंड में हुआ। आजकल यह प्रणाली दुनियाभर के हजारों डेयरी फार्मों द्वारा उपयोग में लायी जा रही है। मशीन मिल्किंग का एक छोटा मॉडल भी है जिसे 10 से भी कम पशुओं के लिए सुगमता से उपयोग में लाया जा सकता है। मशीन मिल्किंग में पशुओं की थन कोशिकाओं को कोई कष्ट नहीं होता जिससे दूध की गुणवत्ता और उत्पादन में वृद्धि होती है।

Tuesday, 1 July 2014

नए उद्यमियों के लिए जरुरी बातें

नए उद्यमियों को व्यवसाय शुरू करने के लिए अगर कुछ पुराने नियम-कायदों पर चलना पड़ता है तो कई बार उन नियम-कायदों को ताक पर भी रखना पड़ता है। कहने का मतलब यह है कि सफलता प्राप्ति का कोई निश्चित पैमाना नहीं होता। तभी तो बुरे से बुरे समय में शुरू किया गया व्यवसाय चल निकलता है और सब कुछ नापतौल कर शुरू किया गया व्यवसाय कभी-कभी औंधे मुंह आ गिरता है। फिर भी कुछ ऐसे जरुरी बातें हैं जिन्हें उधमियों को जान लेना चाहिए।

Friday, 25 April 2014

ऑनलाइन व्यवसाय के 5 मिथकों से बचें

भारत में उत्पादों और सेवाओं की खरीद केलिए इंटरनेट का उपयोग करने वाले लोगों की तादाद तेजी से बढ़ रही है। ऐसे में आपकी कंपनी के लिए ऑनलाइन मौजूदगी अब बेहतर व्यावसायिक समझ है। व्यावसायिक वेबसाइट में उपभोक्ताओं को आपके व्यवसाय के बारे में अधिक जानकारी मिलती है और वे अधिक खरीद के लिए आपसे संपर्क बना सकते हैं। अगर आपके व्यवसाय की ऑनलाइन उपस्थिति नहीं है और इसका कारण तकनीक से परिचित न होना अथवा इस प्रक्रिया का अधिक खर्चीला होना या फिर आप ऐसा सोच रहें हैं कि आपका व्यवसाय काफी छोटा है या वेब पर होने के बावजूद लाभ नहीं हो पा रहा, तो कुछ मिथकों से आपको बचना होगा।

Monday, 14 April 2014

मशरूम उत्पादन कर आत्मनिर्भर बनें

मशरूम एक पौष्टिक आहार है और इसकी स्वादिष्ट सब्जी बनती है। मसरूम  में वसा की मात्रा बिल्कुल कम होती है। इसमें विभिन्न प्रकार के तत्व पाये जाते हैं जैसे, प्रोटीन, विटामिन, कार्बोहाइड्रेट, खनिज आदि।मशरूम का प्रयोग बहुत से बीमारियों से निजात दिलाता है। ह्रदय रोग तथा मधुमेह जैसी बीमारियों के लिए भी यह अच्छा है। मशरूम की खेती करना बहुत आसान है। इसे पुरुषों के अलावा महिलाएं भी अपने बल पर आसानी से कर सकती है। विभिन्न कृषि विश्वविद्यालयों में मशरूम की खेती से संबंधित प्रशिक्षण दिया जा रहा है।

कामयाब वेबसाइट

क्या आपने अपने व्यक्तिगत या व्यवसायिक उपयोग के लिए कोई साइट बनाई है? यदि हां तो इससे अपनी जरुरत के मुताबिक नतीजे हासिल करने के लिए इन चंद बातों पर जरुर गौर फरमाएं। 
सबसे पहली जरुरत इस बात की है कि आपकी साइट प्रयोग में आसान हो ताकि उस पर ज्यादा से ज्यादा लोग आसानी से पहुंच सके। याद रखें यदि कोई आगंतुक आपकी साइट पर सफलता से नेविगेट नहीं कर सकता तो यह आपके लिए निगेटिव साबित होगा। आपकी वेबसाइट का होमपेज इतना आकर्षक होना चाहिए कि उसपर आने के बाद प्रयोक्ता सभी फीचर्स में न चाहते हुए भी रूचि ले और आपके लक्ष्य के मुताबिक अनुसरण करे। मसलन यदि आपके उत्पाद या सेवा का प्रचार उसमें है तो उसे इतना प्रभावशाली होना चाहिए कि आपको कस्टमर मिल जाए।

Friday, 21 March 2014

वेबसाइट बनाएं तो....


आप अपनी वेबसाइट बनाने जा रहे हैं तो हम आपको बता रहे हैं कुछ टिप्स जिनसे इसे बनाना काफी हद तक सार्थक हो सकेगा। 
अपनी साइट बनाने के लिए किसी वेब डेवलपर की नियुक्ति से पहले आपको अपना होमवर्क करना चाहिए जैसे- आपकी साइट का उद्देश्य क्या है? क्या यह आपके उत्पादों का एक ऑनलाइन ब्रोशर होगा या आपकी योजना अपने उत्पाद या सेवा को वास्तव में इंटरनेट पर बेचने की है। इसके लिए आपका बजट क्या है? साइट की तमाम देखभाल को आप कैसे मैनेज करेंगे यह भी पहले तय करें। यह भी पहले से जान लें कि क्या वेब डेवलपर आपके वेबसाइट के डिज़ाइन एवं मार्केटिंग दोनों के लिए जिम्मेदार होगा?

Friday, 7 March 2014

ऑनलाइन है तो चमकता है बिजनेस

इंटरनेट ने दुनियाभर के लोगों को उत्पादों सेवाओं से जुड़ी जानकारियां हासिल करने और अपने लाभ के लिए उनका उपयोग करने में सक्षम बनाया है। ऐसे प्रतिस्पर्द्धी माहौल में उपभोक्ताओं का आपके व्यवसाय, उत्पादों और सेवाओं से वाकिफ होना जरुरी है। ऐसे में इंटरनेट घरेलू स्तर के अलावा वैश्विक स्तर पर भी उपलब्ध उपभोक्ताओं तक पहुंच बनाने में आपकी मदद करता है, भले ही आपका व्यवसाय कितना ही बड़ा या छोटा हो।

Thursday, 27 February 2014

करें ऑनलाइन बिज़नेस

लघु उद्योग देश के विकास में अहम भूमिका निभाते हैं  क्योंकि रोजगार के अवसर पैदा करने के साथ देश की
जीडीपी में भी अहम योगदान देते आ रहे हैं। उनकी ऑनलाइन उपस्थिति ने इसमें सबसे ज्यादा साथ दिया। अपने व्यवसाय, ब्रांड और सेवाओं व उत्पादों के बारे में जागरूकता पैदा करने के कई सारे तरीके हैं। विज्ञापन भी इनमें एक तरीका है जो व्यापक असर छोड़ता है। उच्च लागत के अलावा विज्ञापन तब ही असरदार होता है जब यह लक्षित समूह के पास पहुंचता है, अन्यथा आपके पैसे बेकार चले जाएंगे।

Sunday, 23 February 2014

कैटरिंग के कारोबार को बनाएं रोजगार

स्वाद की दुनिया में आगे बढ़ने की चाहत है और आपकी मैनेजमेंट स्किल्स अच्छी है तो कैटरिंग का व्यवसाय आपको एक सफल व्यवसायी की पहचान दिला सकता है। शादी और पार्टी में सजावट अच्छी हो न हो, खाना जरुर लाजवाब होना चाहिए। यदि मेहमान चटकारे ले लेकर आपकी पार्टी में खाने के मजे ले तो समझ जाइये कि सारे पैसे वसूल हो गये। क्योकि लाइटिंग और सजावट को तो लोग कुछ दिनों में भूल जाते हैं, मगर खाने का स्वाद मेहमानों को अरसे तक याद रहता है।

Wednesday, 29 January 2014

बैग निर्माण

आजकल युवा अपने स्टाइल को लेकर बहुत जागरूक रहते हैं, यहां तक कि अब ये रुझान बच्चों में भी देखने को मिल रहा है। यही कारण है कि आज स्कूल के बस्ते से लेकर कॉलेज और ऑफिस जाने के बैग्स तक सब स्टाइलिश होते जा रहे हैं। आजकल लोग लैपटॉप, टैबलेट आदि गैजेट खूब खरीद रहे हैं। ऐसे में इन्हें सम्भाल कर रखने और यात्रा के दौरान काम आने वाले तरह-तरह के बैगपैक्स की जरुरत होती है। बाजार में इनकी मांग लगातार बढ़ती जा रही है। ऐसे में बैगपैक्स का निर्माण एक बेहतर स्वरोजगार हो सकता है। यदि आपके बैग्स का ब्रांड एक बार लोगों को पसंद आ गया तो आप एक मशहूर शख्सीयत भी बन जायेंगे।

Saturday, 4 January 2014

बुटिक : शौक को बनाएं रोजगार


सिलाई-कढ़ाई के शौकीन लोगों के लिए बुटीक का व्यवसाय बेहद लाभदायक हो सकता है। स्वरोजगार के रूप में बुटीक एक अच्छा विकल्प हो सकता है। अगर आपकी रूचि फैशन में है तो आप इस रुझान का लाभ उठा कर कुछ कमाई कर सकते हैं। शुरुआत में आपको फायदे से ज्यादा अपनी पहचान बनाने के बारे में सोचना चाहिए।

Monday, 21 January 2013

मूर्तिकला में अपने हाथों से बनाइए अपना भविष्य


मूर्ति निर्माण प्राचीनतम कलाओ में से है, लेकिन यह आज भी युवाओ के लिए रोजगार का प्रमुख साधन है। अपने घरो में सजावट के लिए ही सही, लोगों में मूर्तियों के प्रति मोह बढ़ रहा है, जिसने विभिन्न तरह की मूर्तियों की मांग में काफी इजाफा किया है। अगर आपकी रूचि भी मूर्तियों में है तो यह आपके लिए रोजगार का साधन बन सकता है।