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Tuesday, 8 August 2017

कंप्यूटर पर फेसबुक से सीधे डाउनलोड करें वीडियो

फेसबुक पर रोजाना आठ अरब ज्यादा वीडियो अपलोड किए जाते हैं| इनमें से कई वीडियो फिल्मी गानों या ट्रेलर के होते हैं तो कई हास्य सामग्री परोसते हैं| कई वीडियो खाना बनाने से लेकर रोजमर्रा के काम आसानी से निपटाने का हुनर भी सिखाते हैं| यूजर फेसबुक वीडियो को न सिर्फ मनोरंजन, बल्कि नई चीजें सीखने का बेहतरीन जरिया भी मानते हैं| कंप्यूटर या लैपटॉप पर इन्हें डाउनलोड करने के लिए वे थर्ड-पार्टी एप या वेबसाइट का सहारा लेते हैं, जबकि यह काम सीधे फेसबुक से ही मुमकिन है| वो भी चंद सेकंड के भीतर|

किसी एप या साइट की जरुरत नहीं : फेसबुक से जो भी वीडियो डाउनलोड करना चाहते हैं. सबसे पहले उसे प्ले करें| माउस वीडियो पर रखते हुए ‘राइट क्लिक’ दबाएं| आपको ‘पॉज’ और ‘म्यूट’ के साथ ‘शो वीडियो यूआरएल’ का विकल्प नजर आएगा| इसे चुनने पर आप स्क्रीन पर वीडियो का यूआरएल देख सकेंगे| उसे कॉपी करें| इसके बाद ब्राउज़र में नया टैब खोलें और यूआरएल उसमें पेस्ट कर दें| एंटर दबाने से पहले यूआरएल की शुरुआत में दिए www को m से बदलना न भूलें| इससे वीडियो नए टैब में खुल जाएगा| उसे दोबारा प्ले करते हुए राइट क्लिक दबाएं| इससे स्क्रीन पर ‘सेव वीडियो’ का विकल्प दिखेगा| जैसे ही आप उसपर क्लिक करेंगे , वीडियो डाउनलोड होने लगेगा| आप उसे कंप्यूटर या लैपटॉप में मनचाही लोकेशन पर सेव कर सकते हैं|

ज्यादातर यूजर लेते हैं वेबसाइट का सहारा : फेसबुक वीडियो डाउनलोड करने के लिए यूजर Downvids, Downfacebook, Keepvid.com, Savefromnet, और Catchvideo.net, जैसी साइट की मदद लेते हैं| वीडियो प्ले करके आपको सबसे पहले फेसबुक के एड्रेस बार में मौजूद लिंक को कॉपी करना हैं| फिर साइट खोलकर ‘पेस्ट वीडियो लिंक’ के विकल्प में लिंक डालने पर आपको वीडियो डाउनलोड करने की सुविधा मिल जाती है| ये सभी साइटें रेजोल्यूशन चुनने भी विकल्प देती है|

मोबाइल के लिए एप जरुरी : मोबाइल पर फेसबुक से सीधे कोई वीडियो डाउनलोड नहीं किया जा सकता| इसके लिए Myvideodownloader और Facebookdownloader जैसे स्मार्टफोन एप्लीकेशन की जरुरत पड़ती है| फोन में एप इंस्टॉल करने के बाद आपको फेसबुक वीडियो के बगल में दिए ‘टिक’ के आइकन पर क्लिक करना पड़ता है| इससे डाउनलोड का विकल्प खुलकर सामने आ जाता है| उसे चुनने पर वीडियो डाउनलोड होकर खुद बखुद आपके फोन या मेमोरी कार्ड में सेव हो जाता है|

Thursday, 11 February 2016

एक ही ब्राउज़र पर चलाएं दो जीमेल

अगर आपके पास भी एक से ज्यादा जीमेल अकाउंट हैं तो कुछ टिप्स का इस्तेमाल करके एक ही ब्राउज़र पर दो जीमेल अकाउंट को लॉगइन किया जा सकता है। एक ही ब्राउजर पर दो जीमेल अकाउंट चलाने के लिए यूजर पहले क्रोम में मेन्यू बार को खोलें। इसके लिए ऊपर सर्च बार के दाईं ओर दिए गए तीन लाइनों के विकल्प पर क्लिक करें। उसके बाद New Incognito Window पर जाएं। इस विंडो को खोलने के लिए Ctrl+Shift+N का भी इस्तेमाल कर सकते हैं। इससे आपकी विंडो पर एक निजी ब्राउजर की विंडो खुलकर सामने आ जाएगी। इस टैब में आप अपनी किसी भी जीमेल आईडी को लॉगइन कर सकते हैं। क्रोम के अलावा अगर आप फायरफॉक्स ब्राउजर का इस्तेमाल करते हैं तो उसमें भी दो जीमेल अकाउंट को लॉगइन कर सकते हैं।

कैसे करें इस्तेमाल : फायरफॉक्स ब्राउजर के मेन्यू पर क्लिक करें। उसके बाद ‘New Private Window’ के विकल्प पर जाएं। इससे क्रोम की तरह प्राइवेट विंडो खुल जाएगी। इस विंडो को खोलने के लिए Ctrl+Shift+P का भी इस्तेमाल कर सकते हैं। इस टैब में आप लॉगइन कर सकते हैं।
इंटरनेट एक्सप्लोरर : इंटरनेट एक्सप्लोरर में भी निजी ब्राउजिंग का विकल्प है। इसमें निजी विंडो खोलने के लिए इंटरनेट एक्सप्लोरर की सेटिंग में जाएं। वहां सेफ्टी पर क्लिक करें। इसमें InPrivate Browsing का विकल्प है, उस पर क्लिक कर दूसरा अकाउंट खोलें।

यूजर को अक्सर अपनी प्राइवेसी की चिंता सताती है कि कहीं उसकी ब्राउजिंग हिस्ट्री किसी अन्य यूजर के हाथ न लग जाए। इससे बचने के लिए आप निजी ब्राउजिंग का विकल्प अपना सकते हैं। इसका फायदा यह है कि इसमें की गई ब्राउजिंग, ब्राउजर बंद होते ही डिलीट हो जाती है जो बाद में खोलने पर नहीं दिखती है।

Tuesday, 22 September 2015

ब्राउज़र की सेटिंग में बदलाव कर ब्लॉक करें विज्ञापन

इंटरनेट को वीडियो देखने के लिए इस्तेमाल किया जाए तो यह काफी महंगा पड़ता है। लेकिन फोन और ब्राउज़र की सेटिंग में बदलाव कर इंटरनेट डाटा बचाया जा सकता है। ब्राउज़िंग के समय दिखने वाले प्लगिन और विज्ञापन के पॉप अप विंडो तेजी से डाटा खर्च करते हैं। इन्हें हटाया जा सकता है। इसके अलावा कई ब्राउज़र फोटो कंप्रेस कर डाटा बचाते हैं।
विज्ञापन हटा कर करें बचत : वेबसाइटों पर आने वाले विज्ञापनों में फोटो और वीडियो होते हैं। इनसे काफी डाटा खर्च होता है। क्रोम में ‘adblock’ के जरिये विज्ञापन को ब्लॉक किया जा सकता है। इसके लिए क्रोम वेब स्टोरchrome.google.com/webstore पर adblock टाइप करें। यहां adblock आने पर ‘ADD TO CHROME’ के विकल्प पर क्लिक कर दें। इसके बाद विज्ञापन ब्लॉक हो जाएंगे।
यूसी ब्राउज़र पर सेव करें डाटा : ‘Uc Browser’ के जरिए 60 % तक डाटा कंप्रेस किया जा सकता है। इसमें ‘Text Only Mode’ की सुविधा है जिसे ऑन करने के बाद किसी भी साइट पर सिर्फ टेक्स्ट दिखाई देगा। यह बड़े रेजोल्यूशन की तस्वीरों को कंप्रेस कर भी डाटा बचाता है। यूसी ब्राउज़र में ‘Text Only Mode’ ऑन करने के लिए सबसे पहले मेनू में जाएं। मेनू खुलने के बाद बाईं ओर स्वाइप करने पर ‘Text Only Mode’ का विकल्प दिखेगा।
गूगल क्रोम पर डाटा सेवर : यह फीचर फोन पर वेब पेज और फोटो लोड होने से पहले कंप्रेस करता है। गूगल क्रोम सेटिंग में जाकर डाटा की खपत कम की जा सकती है। सेटिंग में नीचे की तरफ ‘Data Sevar’ का विकल्प है। इसे ऑन कर दें। यह खतरनाक थर्ड पार्टी एप को भी डाउनलोड नहीं होने देता।
ओपेरा मिनी में भी सुविधा : ओपेरा मिनी में सेटिंग में जाएं यहां सबसे ऊपर Load Image का विकल्प आएगा। यहां क्लिक करने के बाद Image Quality के ऑप्शन पर जाएं। यहां Image Quality को Low के दें। यह बड़ी फोटो कंप्रेस करने के बाद लोड करेगा।
पॉप अप विंडो से पाएं छुटकारा : सर्फिंग के दौरान कई वेबसाइटों पर प्लगिन, पॉपअप और विज्ञापनों की भरमार रहती है। ये सभी डाटा की खपत करने के अलावा इंटरनेट की स्पीड भी धीमा करते हैं। कुछ उपायों के जरिये इन पॉप विंडो और विज्ञापनों को बंद किया जा सकता है। इसके लिए सबसे पहले कंप्यूटर में गूगल क्रोम पर जाएं। इसके बाद सेटिंग के विकल्प पर जाएं। यहां ‘Show advanced settings’ और फिर Privacy के विकल्प पर जाएं। यहां Content Settings पर जाकर प्लगिन और पॉपअप को बंद कर सकते हैं।

Saturday, 5 September 2015

दोबारा पाएं स्मार्टफोन से डिलीट हो गई दोस्तों की यादें

स्कूल और कॉलेज लाइफ में खूब दोस्त बनते हैं। दोस्तों संग बिताये पलों को अपने फोन में संभालकर हर कोई रखता है। पर कई बार गलती से या किसी की शैतानी से आपका डाटा डिलीट हो जाता है। ऐसे में थोड़ी सी जानकारी से आप अपना डाटा वापस पा सकते हैं। इंटरनेट पर कई ऐसे सॉफ्टवेयर मौजूद है जिनकी मदद से डिलीट हुए डाटा को वापस स्टोर किया जा सकता है। इन सॉफ्टवेयर से कार्ड में सेव गाने, फोटो, वीडियो व दूसरी फाइलों को रीस्टोर किया जा सकता है।
एंड्राइड यूजर को जीमेल से मिल सकता है कांटेक्ट : एंड्राइड फोन इस्तेमाल करने वाले लोग जीमेल के जरिए फोन में सेव कांटेक्ट को वापस हासिल कर सकते हैं। गूगल के एंड्राइड ऑपरेटिंग सिस्टम पर चलने वाले फोन में सेव कांटेक्ट जीमेल में सेव हो जाते हैं। गूगल के मुताबिक फोन से डिलीट हुए कांटेक्ट को 30 दिन के अंदर ही जीमेल से प्राप्त किया जा सकता है। इसके लिए फोन में लॉग-इन होने वाले जीमेल अकाउंट का ही इस्तेमाल किया जा सकता है। कांटेक्ट नंबर रीस्टोर करने के लिए कंप्यूटर पर जीमेल अकाउंट लॉग-इन करें। इसके बाद कंपोज के ऊपर जीमेल लिखा हुआ दिखेगा। यहां क्लिक करने के बाद कांटेक्ट का विकल्प आएगा। इस विकल्प को खोलने परफोन में सेव कांटेक्ट मिल जाएंगे।
हर फाइल मिलेगी वापस: फोन या कैमरा के मेमोरी कार्ड से डिलीट हुआ डाटा कुछ सॉफ्टवेयर की मदद से हासिल किया जा सकता है। कार्ड में अगर तस्वीरें, वीडियो, म्यूजिक, ईमेल, डॉक्यूमेंट और अन्य फाइलें डिलीट हो गयी है तो उन्हें भी आसानी से हासिल किया जा सकता है। मेमोरी कार्ड में डाटा डिलीट होने के बाद एक बात का ख्याल जरूर रहे कि फोटो या वीडियो डिलीट होने पर मेमोरी कार्ड को इस्तेमाल न करें। इसे तुरंत फोन से निकाल लें।
ऐसे पाएं कार्ड से डिलीट हुआ डाटा:
    •  recuva.en.softonic.com पर जाकर इसे डाउनलोड कर लें।
    • कार्ड रीडर से मेमोरी कार्ड लगाएं।
    • recuva को खोलने पर कई फाइल के फॉर्मेट मिलेंगे।
    • आप किसी भी फाइल को रिकवर करना चाहते हैं तो ‘अंदर’ के विकल्प पर क्लिक करें।
    • फाइल लोकेशन का विकल्प आएगा। यहां ब्राउज़ माई कंप्यूटर से मेमोरी कार्ड को सेलेक्ट करें। यहां डिलीट हुआ सभी डाटा मिल जाएगा।

मोबाइल पर ईमेल और मैसेज पढ़िए नहीं सीधे सुनिए

अगर आपके मैसेज या ईमेल को कोई पढ़कर सुनाए और उसके लिए आपको शुल्क भी नहीं देना पड़े तो कैसा हो। एंड्राइड के गूगल प्ले स्टोर पर कई एप मौजूद है जो आपकी इस ख्वाहिश को पूरा कर सकते हैं इन्हें मुफ्त में इनस्टॉल भी किया जा सकता है। इसके अलावा यूजर अपने फोन में मौजूद एमएस ऑफिस और पीडीएफ फाइलों पर प्रिंट टेक्स्ट को आसानी से सुन सकते हैं। इन एप का फायदा सफर के दौरान भी लिया जा सकता है।
कॉपी करते ही बोलने लगेगा टेक्स्ट : गूगल प्ले स्टोर से ‘Easy text to speach’ को डाउनलोड करके मोबाइल में इंस्टॉल कर लें। इसके बाद यूजर अपने मोबाइल में मौजूद जिस फाइल या टेक्स्ट को कॉपी करेंगे वह तुरंत आवाज में बदल जाएंगे। यूजर जिस पैराग्राफ या लाइन को सुनना चाहते हैं उसे दबा कर रखें। पैराग्राफ या लाइन को सेलेक्ट करते ही कॉपी का विकल्प दिखाई देगा जैसे ही कॉपी के विकल्प पर क्लिक करेंगे तो यह अक्षर सुनाई देने लगेंगे। इससे अंग्रेजी उच्चारण भी सही होगा।
आवाज, स्पीड पर नियंत्रण संभव : गूगल प्ले स्टोर पर मौजूद ‘Text to voice’ एप में बोलने की गति और आवाज को नियंत्रित कर सकते हैं। अक्सर यूजर को तेज अंग्रेजी सुनने की आदत नहीं होती है और वह शब्दों को याद नहीं कर पाता। आवाज और बोलने की स्पीड को अपने हिसाब से सेट किया जा सकता है।
डेस्कटॉप का टेक्स्ट बोलेगा : जो यूजर अधिकतर समय डेस्कटॉप का इस्तेमाल करते हैं और उनके लिएमोबाइल में हर एक अक्षर को कॉपी करके सुनना मुश्किल होता है तो वह अपने डेस्कटॉप में ‘Speak it’ को इंस्टॉल करके किसी भी टेक्स्ट को कॉपी करके सुन सकते हैं। इसके लिए गूगल क्रोम ब्राउज़र का होना जरुरी है। ‘Speak it’ को इंस्टॉल करते ही डेस्कटॉप में ऊपर की तरफ दाईं ओर यूआरएल बॉक्स के बराबर में साउंड का निशान बन जाएगा। इससे यूजर किसी भी टेक्स्ट को सेलेक्ट करके आसानी से सुन सकता है।

चार सावधानियों से मोबाइल को रखें वायरस से दूर

मल्टीमीडिया फोन जितनी सुविधाएं दे रहे हैं उतनी ही समस्याओं का कारण भी बन रहे हैं। साइबर सुरक्षा पर काम करने वाली एक कंपनी के मुताबिक हर 5 वां एंड्रॉयड यूजर वायरस की चपेट में आता है। वायरस फोन को तो नुकसान पहुंचाते ही हैं साथ ही इससे जरुरी और निजी जानकारियों के चोरी होने की आशंका भी बढ़ जाती है। ऐसे में जरुरी है कि आप पहले से सजग रहें।
सावधानी 1 : क्लोन एप से रहें सावधान : गूगल प्ले स्टोर पर ऐसे भी एप हैं जो किसी प्रचलित एप जैसे ही दिखते हैं लेकिन स्पैम भेजने का काम करते हैं। इसका सबसे बड़ा उदाहरण नकली ‘बीबीएम’ एप है। इसके साथ ही कई एप ऐसे भी हैं जो डाउनलोड करने पर मैलवेयर नहीं देते लेकिन अपडेट करने पर फोन में वायरस आ जाता है।
सावधानी 2 : वाईफाई और हॉटस्पॉट बंद रखें : घर से बाहर निकलते ही अपने वाईफाई को बंद कर दें। अगर कहीं अनजान सोर्स से वाईफाई नेटवर्क आ भी रहा हो तो उसका इस्तेमाल नहीं करना समझदारी होगी। ओपन वाईफाई में वायरस आने का खतरा बहुत ज्यादा होता है। इसके अलावा फोन या टैबलेट में वेब ब्राउज़िंग के दौरान अगर कोई वेबसाइट लॉटरी या गिफ्ट का लालच दे तो उस पर क्लिक न करें। इस तरह की ईमेल से भी वायरस का खतरा बना रहता है।
सावधानी 3 : ब्लूटूथ को रखें ऑफ : फोन का ब्लूटूथ तभी ऑन करें जब जरुरत हो और इसके बाद तुरंत ऑफ़ भी कर दें।
सावधानी 4 : एप डाउनलोड करने से पहले देखें : किसी भी एप को डाउनलोड करने से पहले आपको उसकी शर्तों को मंजूर करना होता है। मगर अक्सर उन शर्तों को बिना पढ़े एक्सेप्ट पर क्लिक करना खतरनाक साबित हो सकता है। कई एप में यह शर्त होती है कि एप आपके लोकेशन, कांटेक्ट लिस्ट, सोशल मीडिया अकाउंट, ईमेल, टेक्स्ट और वीडियो मैसेज, कैलेंडर जैसी जानकारियों को एक्सेस कर सकता है।

एप डाउनलोड कर मोबाइल में बढ़ाएं इंटरनेट की रफ्तार

देश के 21 करोड़ 30 लाख लोग मोबाइल पर इंटरनेट का इस्तेमाल करते हैं। ये यूजर्स हर माह इंटरनेट पर औसत 235 रूपये तक खर्च करते हैं। यह आंकड़ा पिछले साल तक 173 रूपये था। यह आंकड़े मोबाइल यूजर्स का डाटा जुटाने वाली संस्था आई क्यूब की रिसर्च में सामने आये हैं। इनसे पता चलता है कि मोबाइल पर इंटरनेट सर्चिंग पर खर्च बड़ी तेजी से बढ़ा है। खर्च को सीमित रखना हर यूजर के लिए चुनौती है, थोड़ी सी सावधानी बरतें तो इंटरनेट डाटा भी बचेगा और इंटरनेट की रफ्तार भी बढ़ जाएगी।
अनेवो एक्सटेंड : स्मार्टफोन में इंटरनेट बिल को कम करने के लिए अनेवो एक्सटेंड (anavo extendapp) एप डाउनलोड करें। यह एंड्राइड और आईओएस ऑपरेटिंग सिस्टम को सपोर्ट करता है। अनेवो एप अपने सर्वर के जरिए मोबाइल में इस्तेमाल हो रहे एप और ब्राउज़र का डाटा ट्रांसफर करता है। यह एप डाटा की खपत को कम करता है और इंटरनेट की रफ्तार को बढ़ाता है। यह मोबाइल स्क्रीन पर बताता रहता है कि कितना डाटा सेव किया गया है।
ओपेरा टर्बो : लैपटॉप या कंप्यूटर में इंटरनेट खर्च को कम करने के लिए ओपेरा टर्बो (opera turbo app) का इस्तेमाल करें। ओपेरा विंडोज और मैक ऑपरेटिंग सिस्टम को सपोर्ट करता है। यह ब्राउज़िंग डाटा को कंप्रेस कर देता है। हालांकि, इससे पिक्चर, वीडियो क्वालिटी थोड़ी डल हो जाती है लेकिन सिस्टम में इंटरनेट की स्पीड तेज हो जाती है। इसके लिए क्रोम सेटिंग में जा कर इसे एक्टिव करना होता है।
मोबाइल सेटिंग में लिमिट फिक्स करें : अगर आपके पास 4 जीबी डाटा का प्लान है और उससे ज्यादा इस्तेमाल कर लेते हैं तो एक्स्ट्रा डाटा का चार्ज देना पड़ता है। मोबाइल के सेटिंग में जाकर डाटा यूज की लिमिट फिक्स कर लें। मोबाइल के सेटिंग ऑप्शन में जाएं और उसमें दर्शाए जा रहे वार्निंग लेवल को डाटा यूज के हिसाब से सेट कर दें। इसके साथ ही बैकग्राउंड डाटा को भी ऑफ कर दें। लिमिट से ज्यादा यूज होते ही खुद ब खुद इंटरनेट बंद हो जाएगा।
इन बातों का भी रखें ध्यान :
  • अगर हेवी डाटा खपत होने की संभावना है तो वाईफाई से काम करें।
  • फोन पर नोटिफिकेशन आते रहते हैं। इसकी जरुरत नहीं है तो नोटिफिकेशन बंद कर दें।
  • गेम खेलने के दौरान कई विज्ञापन और वीडियो एप आते हैं। गेम खेलने से पहले  इंटरनेट डाटा को बंद कर दें।
  • मोबाइल पर कोई वेबसाइट खोलते समय उसके डेस्कटॉप वर्जन से बचें।

Thursday, 24 April 2014

फिर से पाएं खोई फाइल को

वह पल कितना टेंशन भरा होता है, जब कोई कंप्यूटर फाइल जिसमें आपका महत्वपूर्ण डाटा स्टोर है वह गलती से आपसे डिलीट हो जाता है। आप समझ बैठते हैं कि आपकी सारी मेहनत बेकार चली गई और वह फाइल दोबारा नहीं मिल सकती है। बहुत कम लोगों को ही पता होगा कि यदि कभी गलती से ऐसा हो जाए तो बहुत हद तक संभव है कि आप पुनः उस डिलीट फाइल को रिकवर कर सकते हैं। जी हां, आज आपको डिलीट फाइल से संबंधित कुछ ऐसी ही बात बताते हैं, जो आपके टेंशन को बहुत हद तक कम कर देगा। साथ ही आप अपने खोए हुए बहुमूल्य डाटा को फिर से वापस पा लेंगे। आमतौर पर जब हम कंप्यूटर में किसी फाइल को डिलीट करते हैं तो वह फाइल पहले रिसाइकिलबिन में जाती है। यदि आप फाइल को रिसाइकिलबिन से डिलीट करते हैं तो वह फाइल हमेशा के लिए डिलीट हो जाती है। लेकिन क्या आपको पता है कि जब आप ऐसा करते हैं तो आप एक तरह से हार्ड ड्राइव को यह संकेत देते हैं कि अब आपको उस फाइल की कोई जरुरत नहीं रह गई है और सिस्टम उस फाइल को हटा देता है और आप समझ बैठते हैं कि वह फाइल डिलीट हो चुकी है।