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Monday, 6 October 2014

आधुनिक युग में ब्यूटीपार्लर व्यवसाय में अपार संभावनाएं

सौंदर्य के प्रति महिलाओं की जागरूकता यूं तो आदिकाल से ही है, परन्तु आज के फैशनपरस्त माहौल में पूरा महिला वर्ग चाहे वह कॉलेज की छात्रा हो या गृहणी,  सौंदर्य के प्रति सजग हैं। सौंदर्य के प्रति सजगता न केवल युवतियों  बल्कि युवा लड़कों एवं अधिक उम्र की महिलाओं में भी देखी जा सकती है। युवा पुरुष और महिलाएं तो फिल्मी सितारों की तरह सुंन्दर दिखने के लिए हजारों रूपये खर्च करने को तैयार रहते हैं, जबकी फिल्मी सितारे तो अपनी खूबसूरती की ही रोटी खाते हैं। खूबसूरत बनने की उनकी ललक को अंजाम दे रहे हैं ब्यूटी पार्लर। जब सभी खूबसूरत नजर आना चाहते हैं तो निश्चित तौर पर ब्यूटी पार्लर और ब्यूटीशियन्स का काम भी बड़े पैमाने पर होगा ही। आज के फलते-फूलते स्वरोजगारों पर नजर डालें तो ब्यूटी पार्लर का काम उनमें अलग ही चमकता नजर आएगा।
आंकड़े बताते हैं कि ब्यूटीशियन की संख्या के मामले में भारत दूसरे नंबर पर है और यहाँ के हजारों ब्यूटिशयन विदेशों में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। जो लोग इस क्षेत्र में नौकरी करते हैं, उनमें से अधिकतर एक या दो साल में आपना काम स्थापित कर लेते हैं, यानी इस क्षेत्र में नौकरी करने की अपेक्षा लोग स्वरोजगार करना पसंद करते हैं। ब्यूटीशियन बनना बहुत आसान है, लेकिन एक अच्छे ब्यूटीशियन बनने के लिए आपको प्रशिक्षण से लेकर अच्छी रूचि और अपने को अपडेट रखने की जरुरत पड़ेगी। ब्यूटीशियन को डिजाइनिंग के हिसाब से सामने वाले को सजाने-संवारने का जितना अनुभव होगा, उसका काम और नाम भी उतना ही होगा। एक ब्यूटीशियन का काम यूं तो ग्राहकों के चेहरे को खूबसूरत लुक देना होता है, लेकिन चेहरे को खूबसूरत बनाने के पीछे जो प्रक्रियाएं यानि काम किये जाते हैं उन्हें अनेक नाम दिए गए हैं। इन कामों में खासतौर पर थ्रेडिंग, ब्लीच अनेक तरह के फेशियल, हेड मसाज, बॉडी मसाज, हेयर स्टाइल, कलर व कटिंग, आई ब्रो, मेंहदी और इसी तरह के काम किए जाते हैं। ब्यूटी पार्लर खोलने के लिए आपके पास एक ऐसी दुकान होनी चाहिए जिसमें दो-चार ग्राहकों को सजाने-संवारने के अलावा दो-चार ग्रहकों को बैठने की भी जगह हो। 

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