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Wednesday, 23 December 2015

‘वाई-फाई इंस्पेक्टर’ चोरी होने से बचाएगा आपका डाटा

वाई-फाई राउटर या मोबाइल में हॉटस्पॉट ऑन करके इन्टरनेट शेयर करने वालो को अक्सर यह चिंता सताती है कि कहीं उनके डाटा को अनजान व्यक्ति द्वारा इन्टरनेट इस्तेमाल करने पर उसका सीधा असर आपकी जेब पर पड़ता है। वाई-फाई इंस्पेक्टर, फिंग और स्चैनी कुछ ऐसी ही एप्लीकेशन हैं, जो बताती है कि आपके वाई-फाई से कौन कौन से डिवाइस कनेक्ट है।
वाई-फाई इंस्पेक्टर : गूगल प्ले स्टोर पर मुफ्त में मौजूद इस एप्लीकेशन का इस्तेमाल करके यूजर इस बात की जानकारी हासिल कर सकते हैं कि उनके वाई-फाई राउटर या हॉटस्पॉट से कितने लोगों ने अपना डिवाइस कनेक्ट कर रखा है। साथ ही उन डिवाइस का नाम और उनका मैक एड्रेस भी इसमें दिखाई देता है। यह सभी जानकारी 30 सेकेंड के अंदर बताता है।
फिंग : गूगल प्ले स्टोर पर मौजूद ‘Fing Network Tools’ एप को अपने स्मार्टफोन या टैबलेट में इंस्टॉल करने के बाद यूजर जान सकते हैं कि आपके राउटर से कितने डिवाइस कनेक्ट हैं। फिंग में ‘मैन्यूफेक्चर’, ‘मैक’ और डिवाइस का आइकन दिखाई देता है। इसमें डिवाइस की हिस्ट्री भी देखी जा सकती है। साथ ही यह भी पता लगा सकते हैं कि कौन सी डिवाइस कब वाई-फाई राउटर से कनेक्ट हुई थी।
कंप्यूटर के लिए निरसॉफ्ट : निरसॉफ्ट भी वाई-फाई से कनेक्ट डिवाइस की जानकारी देता है। इसे इस्तेमाल करने के लिए सबसे पहले अपने कंप्यूटर में ‘निरसॉफ्ट’ सॉफ्टवेयर को डाउनलोड कर लें। इसे डाउनलोड करने के लिए यूजर को nirsoft.net/utils/wireless_network_watcher.html पर विजिट करना होगा। इस वेबसाइट पर इसके सभी फीचर की जानकारी दी गई है। वेबसाइट पर नीचे जाने पर इस सॉफ्टवेयर को डाउनलोड करने का विकल्प मिलेगा। इसे इंस्टॉल करने के बाद यूजर अपना इंटरनेट डाटा चोरी होने से बचा सकते हैं।
आईफोन के लिए भी एप : आईओएस यूजर अपने वाई-फाई नेटवर्क को स्कैन करने के लिए IP Network Scanner का इस्तेमाल कर सकते हैं। ‘Scany’ एप भी इंटरनेट चोरी करने वालों की जानकारी देती है।

Thursday, 17 December 2015

चार आसान तरीके फ्री वाईफाई से रखेंगे सुरक्षित

रेलवे स्टेशन, एयरपोर्ट और हाईवे में अब फ्री वाईफाई की सुविधा दी जाने लगी है। सरकार की इस सुविधा का फायदा जितना आम युवाओं को हो रहा है उतना ही खतरा भी बढ़ गया है। फ्री इन्टरनेट की आड़ में कई गिरोह यूजर्स का मोबाइल डाटा चुराने का काम क्र रहे हैं।  ऐसे में जरुरी है कि कुछ आसान सी बातों का ध्यान रखा जाए जिससे फ्री वाईफाई का फायदा भी उठाया जा सके और अपने मोबाइल के डाटा को किसी गलत हाथ में पड़ने से रोका जा सके।
  1. शेयरिंग को बंद क्र दें : अगर आप होटल या रेस्तरां में वाईफाई का इस्तेमाल क्र रहे हैं तो अपने कंप्यूटर में वाईफाई शेयरिंग को बंद कर दें। इसके लिए सबसे पहले कंप्यूटर या लैपटॉप के ‘Computer Panel’ को खोलकर Network में जाएं। वहां Network And sharing Center पर क्लिक करें। उसके बाद बाईं ओर दिए गए Advance Sharing Setting पर जाएं। वहां Public Folder Sharing में दिए दो विकल्प में से नीचे वाले विकल्प का चयन करें। इससे पब्लिक नेटवर्क पर कंप्यूटर/लैपटॉप की फाइलों की शेयरिंग बंद हो जाएगी।
  2. http को चेक करें : http यानी हाइपर टेक्स्ट ट्रांसफर प्रोटोकॉल। इसके जरिए पता चलता है कि वेबसाइट सुरक्षित है। अगर http के आगे लॉक आइकॉन है तो इसका मतलब है कि वेबसाइट पूरी तरह सुरक्षित है। अगर पब्लिक वाईफाई इस्तेमाल क्र रहे हैं तो यह जरुर चेक करें कि यह सुरक्षित है या नहीं।
  3. फायर-वॉल को सक्रिय करें : मौजूदा समय में ज्यादातर ऑपरेटिंग सिस्टम बेसिक फायरवॉल के साथ ही आते हैं। इसे ऑन करने से प्राइवेसी को बढ़ाया जा सकता है। फायरवॉल सक्रिय करने के लिए  ‘Control Panel’ में जाएं। यहां ‘System Security’ पर क्लिक कर ‘Window Firewall’ को खोलें और ‘On’ बटन पर क्लिक करें। होटल-रेस्तरां में वाईफाई का इस्तेमाल करने से पहले वहां के स्टाफ से उसके वाईफाई यूजर नेम की जानकारी जरुर ले लें।
  4. Forget Network जरुर करें : वेब ब्राउज़िंग करने के बाद अपने डिवाइस से पब्लिक वाईफाई सर्विस को हटा दें। ऐसा करने से फोन दोबारा पब्लिक वाईफाई की रेंज में आने पर खुद कनेक्ट नहीं होगा। कई बार आपका मोबाइल जेब में रहता है लेकिन वाईफाई जोन में आते ही अपने आप कनेक्ट हो जाता है। इसके लिए वाईफाई ऑप्शन के अंदर जाकर उस नेटवर्क पर टैप करने के बाद Forget Network के ऑप्शन पर क्लिक करें।

Saturday, 5 September 2015

दोबारा पाएं स्मार्टफोन से डिलीट हो गई दोस्तों की यादें

स्कूल और कॉलेज लाइफ में खूब दोस्त बनते हैं। दोस्तों संग बिताये पलों को अपने फोन में संभालकर हर कोई रखता है। पर कई बार गलती से या किसी की शैतानी से आपका डाटा डिलीट हो जाता है। ऐसे में थोड़ी सी जानकारी से आप अपना डाटा वापस पा सकते हैं। इंटरनेट पर कई ऐसे सॉफ्टवेयर मौजूद है जिनकी मदद से डिलीट हुए डाटा को वापस स्टोर किया जा सकता है। इन सॉफ्टवेयर से कार्ड में सेव गाने, फोटो, वीडियो व दूसरी फाइलों को रीस्टोर किया जा सकता है।
एंड्राइड यूजर को जीमेल से मिल सकता है कांटेक्ट : एंड्राइड फोन इस्तेमाल करने वाले लोग जीमेल के जरिए फोन में सेव कांटेक्ट को वापस हासिल कर सकते हैं। गूगल के एंड्राइड ऑपरेटिंग सिस्टम पर चलने वाले फोन में सेव कांटेक्ट जीमेल में सेव हो जाते हैं। गूगल के मुताबिक फोन से डिलीट हुए कांटेक्ट को 30 दिन के अंदर ही जीमेल से प्राप्त किया जा सकता है। इसके लिए फोन में लॉग-इन होने वाले जीमेल अकाउंट का ही इस्तेमाल किया जा सकता है। कांटेक्ट नंबर रीस्टोर करने के लिए कंप्यूटर पर जीमेल अकाउंट लॉग-इन करें। इसके बाद कंपोज के ऊपर जीमेल लिखा हुआ दिखेगा। यहां क्लिक करने के बाद कांटेक्ट का विकल्प आएगा। इस विकल्प को खोलने परफोन में सेव कांटेक्ट मिल जाएंगे।
हर फाइल मिलेगी वापस: फोन या कैमरा के मेमोरी कार्ड से डिलीट हुआ डाटा कुछ सॉफ्टवेयर की मदद से हासिल किया जा सकता है। कार्ड में अगर तस्वीरें, वीडियो, म्यूजिक, ईमेल, डॉक्यूमेंट और अन्य फाइलें डिलीट हो गयी है तो उन्हें भी आसानी से हासिल किया जा सकता है। मेमोरी कार्ड में डाटा डिलीट होने के बाद एक बात का ख्याल जरूर रहे कि फोटो या वीडियो डिलीट होने पर मेमोरी कार्ड को इस्तेमाल न करें। इसे तुरंत फोन से निकाल लें।
ऐसे पाएं कार्ड से डिलीट हुआ डाटा:
    •  recuva.en.softonic.com पर जाकर इसे डाउनलोड कर लें।
    • कार्ड रीडर से मेमोरी कार्ड लगाएं।
    • recuva को खोलने पर कई फाइल के फॉर्मेट मिलेंगे।
    • आप किसी भी फाइल को रिकवर करना चाहते हैं तो ‘अंदर’ के विकल्प पर क्लिक करें।
    • फाइल लोकेशन का विकल्प आएगा। यहां ब्राउज़ माई कंप्यूटर से मेमोरी कार्ड को सेलेक्ट करें। यहां डिलीट हुआ सभी डाटा मिल जाएगा।

मोबाइल पर ईमेल और मैसेज पढ़िए नहीं सीधे सुनिए

अगर आपके मैसेज या ईमेल को कोई पढ़कर सुनाए और उसके लिए आपको शुल्क भी नहीं देना पड़े तो कैसा हो। एंड्राइड के गूगल प्ले स्टोर पर कई एप मौजूद है जो आपकी इस ख्वाहिश को पूरा कर सकते हैं इन्हें मुफ्त में इनस्टॉल भी किया जा सकता है। इसके अलावा यूजर अपने फोन में मौजूद एमएस ऑफिस और पीडीएफ फाइलों पर प्रिंट टेक्स्ट को आसानी से सुन सकते हैं। इन एप का फायदा सफर के दौरान भी लिया जा सकता है।
कॉपी करते ही बोलने लगेगा टेक्स्ट : गूगल प्ले स्टोर से ‘Easy text to speach’ को डाउनलोड करके मोबाइल में इंस्टॉल कर लें। इसके बाद यूजर अपने मोबाइल में मौजूद जिस फाइल या टेक्स्ट को कॉपी करेंगे वह तुरंत आवाज में बदल जाएंगे। यूजर जिस पैराग्राफ या लाइन को सुनना चाहते हैं उसे दबा कर रखें। पैराग्राफ या लाइन को सेलेक्ट करते ही कॉपी का विकल्प दिखाई देगा जैसे ही कॉपी के विकल्प पर क्लिक करेंगे तो यह अक्षर सुनाई देने लगेंगे। इससे अंग्रेजी उच्चारण भी सही होगा।
आवाज, स्पीड पर नियंत्रण संभव : गूगल प्ले स्टोर पर मौजूद ‘Text to voice’ एप में बोलने की गति और आवाज को नियंत्रित कर सकते हैं। अक्सर यूजर को तेज अंग्रेजी सुनने की आदत नहीं होती है और वह शब्दों को याद नहीं कर पाता। आवाज और बोलने की स्पीड को अपने हिसाब से सेट किया जा सकता है।
डेस्कटॉप का टेक्स्ट बोलेगा : जो यूजर अधिकतर समय डेस्कटॉप का इस्तेमाल करते हैं और उनके लिएमोबाइल में हर एक अक्षर को कॉपी करके सुनना मुश्किल होता है तो वह अपने डेस्कटॉप में ‘Speak it’ को इंस्टॉल करके किसी भी टेक्स्ट को कॉपी करके सुन सकते हैं। इसके लिए गूगल क्रोम ब्राउज़र का होना जरुरी है। ‘Speak it’ को इंस्टॉल करते ही डेस्कटॉप में ऊपर की तरफ दाईं ओर यूआरएल बॉक्स के बराबर में साउंड का निशान बन जाएगा। इससे यूजर किसी भी टेक्स्ट को सेलेक्ट करके आसानी से सुन सकता है।