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Tuesday, 8 August 2017

कंप्यूटर पर फेसबुक से सीधे डाउनलोड करें वीडियो

फेसबुक पर रोजाना आठ अरब ज्यादा वीडियो अपलोड किए जाते हैं| इनमें से कई वीडियो फिल्मी गानों या ट्रेलर के होते हैं तो कई हास्य सामग्री परोसते हैं| कई वीडियो खाना बनाने से लेकर रोजमर्रा के काम आसानी से निपटाने का हुनर भी सिखाते हैं| यूजर फेसबुक वीडियो को न सिर्फ मनोरंजन, बल्कि नई चीजें सीखने का बेहतरीन जरिया भी मानते हैं| कंप्यूटर या लैपटॉप पर इन्हें डाउनलोड करने के लिए वे थर्ड-पार्टी एप या वेबसाइट का सहारा लेते हैं, जबकि यह काम सीधे फेसबुक से ही मुमकिन है| वो भी चंद सेकंड के भीतर|

किसी एप या साइट की जरुरत नहीं : फेसबुक से जो भी वीडियो डाउनलोड करना चाहते हैं. सबसे पहले उसे प्ले करें| माउस वीडियो पर रखते हुए ‘राइट क्लिक’ दबाएं| आपको ‘पॉज’ और ‘म्यूट’ के साथ ‘शो वीडियो यूआरएल’ का विकल्प नजर आएगा| इसे चुनने पर आप स्क्रीन पर वीडियो का यूआरएल देख सकेंगे| उसे कॉपी करें| इसके बाद ब्राउज़र में नया टैब खोलें और यूआरएल उसमें पेस्ट कर दें| एंटर दबाने से पहले यूआरएल की शुरुआत में दिए www को m से बदलना न भूलें| इससे वीडियो नए टैब में खुल जाएगा| उसे दोबारा प्ले करते हुए राइट क्लिक दबाएं| इससे स्क्रीन पर ‘सेव वीडियो’ का विकल्प दिखेगा| जैसे ही आप उसपर क्लिक करेंगे , वीडियो डाउनलोड होने लगेगा| आप उसे कंप्यूटर या लैपटॉप में मनचाही लोकेशन पर सेव कर सकते हैं|

ज्यादातर यूजर लेते हैं वेबसाइट का सहारा : फेसबुक वीडियो डाउनलोड करने के लिए यूजर Downvids, Downfacebook, Keepvid.com, Savefromnet, और Catchvideo.net, जैसी साइट की मदद लेते हैं| वीडियो प्ले करके आपको सबसे पहले फेसबुक के एड्रेस बार में मौजूद लिंक को कॉपी करना हैं| फिर साइट खोलकर ‘पेस्ट वीडियो लिंक’ के विकल्प में लिंक डालने पर आपको वीडियो डाउनलोड करने की सुविधा मिल जाती है| ये सभी साइटें रेजोल्यूशन चुनने भी विकल्प देती है|

मोबाइल के लिए एप जरुरी : मोबाइल पर फेसबुक से सीधे कोई वीडियो डाउनलोड नहीं किया जा सकता| इसके लिए Myvideodownloader और Facebookdownloader जैसे स्मार्टफोन एप्लीकेशन की जरुरत पड़ती है| फोन में एप इंस्टॉल करने के बाद आपको फेसबुक वीडियो के बगल में दिए ‘टिक’ के आइकन पर क्लिक करना पड़ता है| इससे डाउनलोड का विकल्प खुलकर सामने आ जाता है| उसे चुनने पर वीडियो डाउनलोड होकर खुद बखुद आपके फोन या मेमोरी कार्ड में सेव हो जाता है|

Saturday, 9 April 2016

डिलीट हुए वाट्सएप मैसेज को ऐसे करें रिकवर

लगभग हर स्मार्टफोन यूजर वाट्सएप का इस्तेमाल करता है। मैसेज भेजने, फोटो आदि शेयर करने के लिए यह एप काफी पसंद किया जाता है, लेकिन कई बार हम गलती से वाट्सएप पर मैसेज डिलीट कर देते हैं। यह समस्या हम सभी के साथ होती है, लेकिन अब परेशान होने की कोई जरुरत नहीं है। वाट्सएप पर डिलीट हुए मैसेज पाने के लिए आपको ज्यादा कुछ नहीं बस कुछ स्टेप फॉलो करने होंगे। ये ट्रिक काफी आसान है।
सॉफ्टवेयर डाउनलोड करें : अपने फोन में एंड्राइड डाटा रिकवरी को डाउनलोड करें। प्रोग्राम को डाउनलोड करने के बाद लॉन्च करें।
पीसी से कनेक्ट करें : जब प्रोग्राम विंडो पर दिखाई दे तब उसे पीसी से कनेक्ट करें। यूएसबी डिबगिंग इनेबल करें।
डिटेक्ट : कुछ समय बाद यह प्रोग्राम आपके एंड्राइड फोन को डिटेक्ट करना शुरू कर देगा। अब आप स्टार्ट कर इसे डाटा देखने दें।
डाटा रिकवर : जब पीसी आपके एंड्राइड को पूरी तरह जाँच ले तब वह आपसे स्कैन की अनुमति मांगेगा। आपको जो भी डाटा रिकवर करना है उस पर टिक करें।
डाटा रिकवर कर लें : प्रीव्यू कर अपने डिलीट हुए डाटा को रिकवर कर लें।

Thursday, 24 March 2016

‘बूयाह’ से वाट्सएप में मिलेगा विडियो कॉलिंग फीचर

गूगल प्ले स्टोर, आईट्यून स्टोर और विंडोज स्टोर पर कई एप हैं जो विडियो कॉलिंग की सुविधा देते हैं उसके बावजूद सभी लोग विडियो कॉलिंग का फायदा नहीं उठा पाते हैं। जैसे स्काइप से विडियो कॉलिंग की जा सकती है मगर सभी के फोन में स्काइप न होने की वजह से उनके साथ विडियो कॉलिंग से संपर्क स्थापित नहीं किया जा सकता है। यही विडियो कॉलिंग की सुविधा आपको वाट्सएप में प्राप्त हो जाए तो कैसा हो ? ‘बूयाह’ एप्लीकेशन की मदद से आप अपने वाट्सएप में विडियो कॉलिंग की सुविधा ले सकते हैं।
कॉलिंग के लिए करना होगा इनवाइट : गूगल प्ले स्टोर से ‘Booyah Video Chat For Whatsapp’ को फोन में इंस्टॉल कर लें। इसके बाद आप जिस व्यक्ति के साथ विडियो कॉल करना चाहते हैं उसके पास वाट्सएप मैसेज के माध्यम से एक इनवाइट जाएगा। उस इनवाइट को स्वीकार करने के बाद आप उसके साथ विडियो कॉल से बात कर सकते हैं। जब तक दूसरा यूजर आपके इनवाइट को स्वीकार नहीं कर लेता तब तक उस मैसेज पर कनेक्ट लिखा दिखाई देगा। कई लोग इसे वाट्सएप का एक्सटेंशन समझते हैं मगर यह वाट्सएप का एक्सटेंशन नहीं है। यह एक अलग एप है। इसमें ग्रुप चैट का भी फीचर दिया गया है।
एक वाट्सएप नंबर को दो डिवाइस पर चलाएं : अगर आपके पास फोन और टैबलेट दोनों हैं और अप दोनों डिवाइस पर एक ही वाट्सएप नंबर से एप्लीकेशन चलाना चाहते हैं तो इसके लिए आपको गूगल प्ले स्टोर से Messenger for Whatsapp को डाउनलोड करना होगा। इसकी मदद से आप अपने वाट्सएप अकाउंट को टैबलेट और फोन दोनों पर चला सकते हैं। यह ठीक वाट्सएप वेब की तरह है, हालांकि वाट्सएप वेब का इस्तेमाल करने के लिए ब्राउज़र में हर बार अकाउंट लॉग इन करना पड़ता है जबकि Messenger for Whatsapp में अकाउंट को एक बार लॉग इन करना पड़ेगा। इसके बाद आपके मैसेज दोनों डिवाइस पर आ जाएंगे। इस एप्लीकेशन पर आप एक से ज्यादा नंबर भी चला सकते हैं।
फेसबुक मैसेंजर में भी विडियो चैटिंग का विकल्प : अगर आप वाट्सएप का इस्तेमाल नहीं करते हैं तो फेसबुक मैसेंजर की मदद से विडियो कॉलिंग कर सकते हैं। मैसेंजर से जिस यूजर के साथ विडियो कॉलिंग करना चाहते हैं पहले उसका चाट बॉक्स खोलें। उसके बाद आपको ऊपर की तरफ कैमरा का विकल्प दिखाई देगा उसे दबाकर आप विडियो कॉलिंग का फायदा उठा सकते हैं। साथ ही इसमें वॉयस कॉल का भी विकल्प मौजूद है।

Friday, 19 February 2016

एक डॉट लगा फोन में छुपाएं फाइल

अगर आप अपने फोन में मौजूद पिक्चर, विडियो या फाइल को दूसरों से दूर रखना चाहते हैं मगर फोन में ‘एप लॉक’ जैसे एप्लीकेशन को डाउनलोड भी नहीं करना चाहते हैं तो फाइल मैनेजर में जाकर अपनी फाइलों को एक फोल्डर में रखकर छुपा सकते हैं। इसके बाद उस फोल्डर को कोई सर्च भी नहीं कर पाएगा।
अपनी फाइलों को ऐसे छुपाएं : सबसे पहले अपने फोन मेन्यू में जाएं। वहां दिए गए ‘फाइल मैनेजर’ पर क्लिक करके उसके अंदर जाएं। यहां आप एसडी कार्ड और इंटरनल मेमोरी का भी चयन कर सकते हैं जहां पर अपनी फाइलों को छुपाना चाहते हैं। मेमोरी का चयन करने के बाद फोल्डर बनाएं। फोल्डर बनाने के लिए ऊपर दाईं ओर दिए गए तीन बिन्दुओं वाले सेटिंग पर क्लिक करें। उसके बाद एक बार खुलेगा जिस पर ‘न्यू फोल्डर’ लिखा होगा। ‘न्यू फोल्डर’ पर क्लिक करते ही नया फोल्डर बन जाएगा और उस पर नाम देने का विकल्प आ जाएगा। ध्यान रहे कि नाम से पहले आपको डॉट (.) लगाना होगा। उसके बाद ओके दबाएं। फोल्डर बनाते ही वह छुप जाएगा।
सेटिंग में ही दोबारा देखने का विकल्प : अगर फोल्डर से किसी भी फाइल को देखना चाहते हैं या फिर किसी फाइल को उस फोल्डर में कॉपी करना चाहते हैं तो उसके लिए आपको फोल्डर दोबारा खोलना होगा। इसके लिए फाइल मैनेजर में ही जाएं वहां ऊपर दाईं ओर दिए गए तीन बिन्दुओं पर क्लिक करें। वहां ‘हाइड सिस्टम फाइल’ को अनचेक कर दें या फिर ‘शो हिडन फाइल’ पर क्लिक कर दें। अब फाइल मैनेजर में वह फोल्डर दिखाई देने लगेगा जिसे आपने हाइड किया था।
दोबारा हाइड के लिए : फोल्डर को दोबारा छुपाने के लिए आपको फाइल मैनेजर की सेटिंग में जाना होगा। तीन बिन्दुओं पर क्लिक करके ‘हाइड सिस्टम फाइल’ को सेलेक्ट कर लें।
फोल्डर के अलावा अगर आप एप्लीकेशन को भी छुपाना चाहते हैं तो Hide App-Hide Application Icon एप का इस्तेमाल कर सकते हैं। यह एप आपके फोन में मौजूद एप्लीकेशन के आइकन को छुपा देता है जिससे कोई नहीं जान पाएगा कि आपके फोन में वे एप्लीकेशन मौजूद हैं या नहीं। इसमें पैटर्न लॉक या नंबर लॉक का इस्तेमाल करके उन एप को दोबारा देखा जा सकता है। इसमें फोल्डर भी छुपाए जा सकते हैं।

Sunday, 24 January 2016

एंड्रॉयड फोन पर मुफ्त में लगाएं पसंदीदा कॉलरट्यून

फोन पर कॉलरट्यून लगाना भला कौन पसंद नहीं करता। ज्यादातर उपभोक्ता कॉलरट्यून के बदले मोबाइल कंपनियों की ओर से वसूले जाने वाले भारी शुल्क के चलते इनसे परहेज करते हैं। दरअसल, वे इस बात से अनजान होते हैं कि गूगल प्लेस्टोर पर ऐसे कई एप उपलब्ध हैं जो एंड्राइड फोन की गैलरी में मौजूद किसी भी गाने या ऑडियो क्लिप को कॉलरट्यून के तौर पर सेट करने की सुविधा देते हैं। वो भी बिना किसी मासिक शुल्क के। इससे यूजर को जब भी कोई व्यक्ति कॉल करता है तो उसका स्वागत ट्रिंग-ट्रिंग की सामान्य ट्यून के बजाय तय कॉलरट्यून से होता है।
रिंग एप का कमाल : गूगल प्लेस्टोर पर Wring Free Caller Ringtones एप मुफ्त में उपलब्ध है। यूजर इसे डाउनलोड कर किसी भी गाने को अपनी कॉलरट्यून बना सकते हैं। इसके लिए उन्हें एप के मेनू में दिए ‘Register Call Me Tune’ पर जाकर अपना नाम और ईमेल पता डालने की जरुरत पड़ती है। फिर म्यूजिक के आइकन पर क्लिक करके गैलरी या म्यूजिक स्टोर से पसंदीदा गाना चुनना होता है। गाने की लोकेशन के नीचे दिए ‘Registar Details’ के विकल्प पर क्लिक करने से यह कॉलरट्यून के रूप में सेट हो जाता है। इसके बाद जब कोई व्यक्ति फोन करता है तो उसे यही गाना सुनाई देता है।
कॉलयू ट्यून लगाने का भी विकल्प : कॉलयू ट्यून वह कॉलरट्यून होती है जो यूजर की ओर से किसी दूसरे व्यक्ति को फोन मिलाने पर सुनाई देता है। दिलचस्प बात यह है कि सामने वाले शख्स ने इसे कॉलरट्यून के तौर पर सेट नहीं किया होता है। ‘Set Call You Tune’ का विकल्प भी Wring Free Caller Ringtones एप के मेनू बार में दिया गया है। इस पर क्लिक करने पर फोन में मौजूद सभी कॉन्टैक्ट खुल जाते हैं। हर कॉन्टैक्ट के नीचे फोन गैलरी या म्यूजिक स्टोर में उपलब्ध गाने को ‘Call You Tune’ बनाने का विकल्प दिखता है। यूजर अलग-अलग कॉन्टैक्ट के लिए अलग गाने चुनकर Ok के विकल्प पर क्लिक कर सकते हैं।
यूजर इसके अलावा Caller Tunes और MetroPCS Caler Tunes जैसे एंड्राइड एप्लीकेशन की मदद से भी मनचाहे गानों को फोन पर मुफ्त में कॉलरट्यून के रूप में सेट कर सकते हैं।

Tuesday, 19 January 2016

एप से उठाएं मोबाइल बैंकिंग का फायदा

बैंकिंग में नई तकनीक के इस्तेमाल ने पूरे क्षेत्र को तेजी से बदल कर रख दिया है। आज बैंकिंग के मोबाइल संस्करण ने न सिर्फ बैंकिंग को सुविधाजनक बनाया है बल्कि इसकी पहुंच को भी काफी हद तक बढ़ा दिया है। मोबाइल बैंकिंग के क्षेत्र में निजी क्षेत्र के साथ-साथ सार्वजनिक बैंक भी कदम से कदम मिलाकर साथ चल रहे हैं। इन बैंकिंग एप की मदद से आप कभी भी कहीं भी बैंक की हर सुविधा का लाभ उठा सकते हैं।
मोबाइल बैंकिंग क्या है : मोबाइल बैंकिंग में आपका खाता हमेशा आपके साथ रहता है। आप मोबाइल बैंकिंग का लाभ कहीं भी कभी भी उठा सकते हैं। मोबाइल बैंकिंग आपके मोबाइल द्वारा SMS के जरिये संचालित होता है।
कैसे चुने सही एप : कई सारे मोबाइल एप और वॉलेट उपलब्ध है। इसमें यह ध्यान देने की बात है कि इनमें से अपने बैंक से लेकर दूसरे बैंक तक में कौन सा एप चुना जाए। यह पूरी तरह से आपके लेन-देन पर निर्भर करता है। देश में सार्वजनिक और निजी क्षेत्र के कई बैंक एप की सुविधा प्रदान करते हैं जिसमें अलग-अलग विशेषताएं होती हैं।
एप पर बैंक की सुविधाएं : ICICI बैंक का मोबाइल एप फंड ट्रांसफर, अकाउंट स्टेटमेंट आदि की सुविधा देता है। HDFC बैंक के तीन एप मोबाइलबैंकिंग, चिल्लर और पेजैप हैं। मोबाइलबैंकिंग एप हिंदी में भी उपलब्ध है। चिल्लर थर्ड पार्टी एप है जो आपको अपने अकाउंट से दूसरे नंबर पर पैसा भेजने की अनुमति देता है। अगर दूसरे नंबर के पास यह एप है तो पैसा खाते में खुद ही पहुंच जाएगा और नहीं है तो उसे एक SMS आएगा जिसे डाउनलोड कर राशि मिल सकेगी। यह सेवा किसी भी बैंक के उपभोक्ता ले सकते हैं। एक्सिस बैंक ने भी तीन एप एक्सिस मोबाइल, पिंगपे और लाइम पेश किया है। SBI का बडी एक मोबाइल वॉलेट है। बैंक ऑफ़ इंडिया के दो एप स्टार टोकन एनजी और बीओआई मोबाइल बैंकिंग मूलभूत सुविधाएं प्रदान करता है। पंजाब नेशनल बैंक के एप पीएनबी एमबैंकिंग और पीएनबी मोबीइज भी बैंकिंग सुविधाएं देता है। केनरा बैंक के एप ई-इनफोबुक पासबुक संबंधी अपडेट की जानकारी देते हैं। जबकि केनरा एमवॉलेट एप राशि जमा रखने और बिल भुगतान की सुविधा देता है।

Saturday, 2 January 2016

एप की मदद से बजट फोन में पाएं प्रीमियम फोन के फीचर

बजट स्मार्टफोन में भी सैमसंग और एपल के महंगे फोन में मिलने वाले बेहतरीन फीचर हासिल किए जा सकते है। कुछ खास एप के जरिए सस्ते फोन में फिंगर प्रिंट स्कैनर और बेहतरीन यूजर इंटरफ़ेस का इस्तेमाल किया जा सकता है। बजट फोन में अपने चेहरे और आवाज को भी पासवर्ड बना सकते हैं। इसके अलावा फोन की थीम और कीबोर्ड को भी महंगे फोन जैसा बनाया जा सकता है।
फिंगरप्रिंट स्कैनर पाएं : सैमसंग और एचटीसी के महंगे फोन में फिंगरप्रिंट स्कैनर का फीचर दिया जाता है। अगर आप अपने बजट फोन में भी इस फीचर का इस्तेमाल करना चाहते हैं तो गूगल प्ले से ICE Unlock Fingerprint स्कैनर एप एक अच्छा विकल्प है। यह फोन खोलने और लॉक करने के लिए फिंगरप्रिंट का इस्तेमाल करती है।
चेहरे को बनाएं पासवर्ड : फोन में मौजूद वाट्सएप, फेसबुक जैसी एप को सुरक्षित रखने के लिए चेहरे और आवाज को पासवर्ड बनाया जा सकता है। इसके लिए गूगल प्ले से applockface/voice recognition एप डाउनलोड करनी होगी। इस एप को डाउनलोड करने के बाद आपकी बिना अनुमति के फोन में कोई भी व्यक्ति एप्लीकेशन को खोल नहीं पायेगा। कई बार कॉल करने के बहाने लोग फोन लेकर फेसबुक की चैट देख सकते हैं। ऐसी स्थिति में यह एप मददगार साबित हो सकती है। इस एप्लीकेशन का साइज 16 MB है।
कॉल आने पर नाम बोलेगा फोन : कॉल आने पर यूजर फोन की स्क्रीन पर देखता है कि किसने कॉल किया। गूगल प्ले स्टोर पर Caller Name Announcer नाम का एक ऐसा एप है जो कॉल आने पर कॉल करने वाले व्यक्ति का नाम बोलेगा जिसका नाम आपने कांटेक्ट में सेव किया हुआ है। फोन की कांटेक्ट लिस्ट में नंबर सेव न होने पर यह नंबर बोलकर बताता है। इस एप्लीकेशन का साइज 2 MB है।
फोन का कीबोर्ड बदलें : फोन में अच्छे फॉन्ट के कीबोर्ड भी गूगल प्ले से डाउनलोड किए जा सकते हैं। इनमें से हेंडराइटिंग इनपुट (Google Handwriting Input) ऐसा कीबोर्ड है जिससे बोलकर और हाथ से लिखकर भी टाइप किया जा सकता है । इसके अलावा गूगल प्ले पर तेज टाइपिंग के लिए आकर्षक और मोटे फॉन्ट वाले कीबोर्ड हैं।

Wednesday, 23 December 2015

‘वाई-फाई इंस्पेक्टर’ चोरी होने से बचाएगा आपका डाटा

वाई-फाई राउटर या मोबाइल में हॉटस्पॉट ऑन करके इन्टरनेट शेयर करने वालो को अक्सर यह चिंता सताती है कि कहीं उनके डाटा को अनजान व्यक्ति द्वारा इन्टरनेट इस्तेमाल करने पर उसका सीधा असर आपकी जेब पर पड़ता है। वाई-फाई इंस्पेक्टर, फिंग और स्चैनी कुछ ऐसी ही एप्लीकेशन हैं, जो बताती है कि आपके वाई-फाई से कौन कौन से डिवाइस कनेक्ट है।
वाई-फाई इंस्पेक्टर : गूगल प्ले स्टोर पर मुफ्त में मौजूद इस एप्लीकेशन का इस्तेमाल करके यूजर इस बात की जानकारी हासिल कर सकते हैं कि उनके वाई-फाई राउटर या हॉटस्पॉट से कितने लोगों ने अपना डिवाइस कनेक्ट कर रखा है। साथ ही उन डिवाइस का नाम और उनका मैक एड्रेस भी इसमें दिखाई देता है। यह सभी जानकारी 30 सेकेंड के अंदर बताता है।
फिंग : गूगल प्ले स्टोर पर मौजूद ‘Fing Network Tools’ एप को अपने स्मार्टफोन या टैबलेट में इंस्टॉल करने के बाद यूजर जान सकते हैं कि आपके राउटर से कितने डिवाइस कनेक्ट हैं। फिंग में ‘मैन्यूफेक्चर’, ‘मैक’ और डिवाइस का आइकन दिखाई देता है। इसमें डिवाइस की हिस्ट्री भी देखी जा सकती है। साथ ही यह भी पता लगा सकते हैं कि कौन सी डिवाइस कब वाई-फाई राउटर से कनेक्ट हुई थी।
कंप्यूटर के लिए निरसॉफ्ट : निरसॉफ्ट भी वाई-फाई से कनेक्ट डिवाइस की जानकारी देता है। इसे इस्तेमाल करने के लिए सबसे पहले अपने कंप्यूटर में ‘निरसॉफ्ट’ सॉफ्टवेयर को डाउनलोड कर लें। इसे डाउनलोड करने के लिए यूजर को nirsoft.net/utils/wireless_network_watcher.html पर विजिट करना होगा। इस वेबसाइट पर इसके सभी फीचर की जानकारी दी गई है। वेबसाइट पर नीचे जाने पर इस सॉफ्टवेयर को डाउनलोड करने का विकल्प मिलेगा। इसे इंस्टॉल करने के बाद यूजर अपना इंटरनेट डाटा चोरी होने से बचा सकते हैं।
आईफोन के लिए भी एप : आईओएस यूजर अपने वाई-फाई नेटवर्क को स्कैन करने के लिए IP Network Scanner का इस्तेमाल कर सकते हैं। ‘Scany’ एप भी इंटरनेट चोरी करने वालों की जानकारी देती है।

Wednesday, 21 October 2015

इंटरनेट की दुनिया में कई ऐसी एप्लीकेशन और वेबसाइट हैं जिनके जरिए अपनी पहचान छिपाकर कॉल की जा सकती है। इतना ही नहीं, यह भी तय किया जा सकता है जिस फोन पर कॉल की जा रही है वहां पर कौन सा नंबर दिखना चाहिए। यानि कॉल जिसके नंबर से आ रही है, असल में दूसरी ओर वह होता ही नहीं है। इन एप के जरिए न सिर्फ फेक कॉल की जा सकती है बल्कि मैसेज भी भेजे जा सकते हैं। कुछ एप तो आवाज तक को बदल देते हैं। हालांकि इन एप के इस्तेमाल के लिए पैसे देने पड़ते हैं।

छिप जाएगी कॉलर आईडी : इंटरनेट पर मौजूद कुछ एप के जरिए लोग अपनी कॉलर आईडी छिपा सकते हैं। वे यह भी तय कर सकते हैं कि फोन कॉल प्राप्त करने वाले व्यक्ति की डिस्प्ले पर इनकमिंग कॉल में कौन सा नंबर दिखाई देगा।
बदल जाएगी आवाज : स्पूफकार्ड एप कॉलर आईडी बदलने के साथ लोगों को उनकी आवाज बदलकर कॉल करने की सुविधा देती है। कॉलर आईडी छुपाने वाली अधिकतर एप का सर्वर अमेरिका में है लेकिन भारत में भी इनका दुरूपयोग हो सकता है। इन एप्लीकेशन का दावा है कि वे दोस्तों के साथ मजाक करने के लिए ऐसी सुविधा देती है। फेक कॉल को रिकॉर्ड करने की भी सुविधा है।

पहचान छिपाकर मैसेज : कई ऐसी वेबसाइट मौजूद हैं जिनके जरिये किसी भी मोबाइल नंबर पर मैसेज भेजा जा सकता है। इसके लिए रजिस्ट्रेशन भी नहीं करना पड़ता इससे मैसेज भेजने वाले की पहचान नहीं हो पाती है। भारत में भी कई ऐसी वेबसाइट हैं।
कैसे करें बचाव ? 
किसी अनजान नंबर या फिर परिचित नंबर से आने वाली कॉल के दौरान किसी भी प्रकार का शक होता है तो सतर्क होने की जरुरत है। उस पर कॉल बैक कर के देख लेना चाहिए कि क्या वास्तव में परिचित ने ही कॉल की थी क्योंकि फेक कॉल एप के जरिये सिर्फ कॉलर आईडी बदली हुई दिखती है। हकीकत में कॉल उस नंबर से नहीं आती है। अगर किसी कॉल पर संदेह है तो उस व्यक्ति द्वारा कही गई बातों परिवार वालों और दूसरे दोस्तों से जरूर बताएं। अनजान नंबर से धमकी मिलने पर पुलिस को जरूर सूचित करें।

Saturday, 5 September 2015

सारे एकाउंट एक साथ और पासवर्ड का झंझट भी खत्म

कुछ एप और वेबसाइट पासवर्ड मैनेजमेंट की सुविधा देती है, जहां पर सारे एकाउंट जोड़ दिए जाए तो पासवर्ड याद करने का झंझट ही खत्म हो जाता है। बस वह एप और वेबसाइट ओपन करनी होगी और सारे ईमेल, सोशल मीडिया के एकाउंट एक्टिव हो जाएंगे। सुरक्षा के लिहाज से भी यहां पर पुख्ता इंतजाम है। एप या वेबसाइट खोलने से पहले वन टाइम पासवर्ड  जरुरत होती है, जो मोबाइल नंबर पर आता है।
लास्टपास में पासवर्ड सेव : लास्टपा में एकाउंट बनाने के बाद अपने सोशल मीडिया एकाउंट  पासवर्ड सेव करने होंगे। उदाहरण के लिए फेसबुक, ट्विटर, गूगल और ईमेल के पासवर्ड इस वेबसाइट पर सेव कर दिए तो इन एकाउंट में लॉग-इन करने के लिए सिर्फ ईमेल एड्रेस सबमिट करना होगा। इसके बाद लास्टपास अपने आप सक्रिय हो जाती है। संदिग्ध कंप्यूटर से लॉग-इन होने पर इसमें मास्टर पासवर्ड से लॉग-इन करने का विकल्प दिया जाता है।
वन टाइम पासवर्ड : आपका मास्टर पासवर्ड किसी और को पता चल गया तो इसमें सुरक्षित सभी सोशल एकाउंट के पासवर्ड चुराए जा सकते हैं। इससे बचने के लिए यह वन टाइम पासवर्ड की सुविधा भी देती है। इंटरनेट कैफे और दूसरे का कंप्यूटर इस्तेमाल करने पर भी इस सुविधा का इस्तेमाल कर सकते हैं। इसके जरिए बेहद कठिन पासवर्ड आपके फोन नंबर पर मैसेज किया जाएगा। इस पासवर्ड को सबमिट करने के बाद ही सोशल एकाउंट में लॉग-इन कर सकते हैं। वन टाइम पासवर्ड कुछ देर के लिए काम करता है।
पासवर्ड मैनेजमेंट की सुविधा देने वाले टूल :
फोन में छिपाएं एप्लीकेशन :
किसी और व्यक्ति के हाथ में फोन जाने पर वह वाट्सएप, फेसबुक के निजी मैसेज पढ़ सकता है। ‘स्मार्ट एपलॉक’ से फोन में मौजूद एप को न सिर्फ पासवर्ड के साथ सुरक्षित बना सकते हैं बल्कि कोई इन्हें खोलेगा तो यह मैसेज आएगा कि एप क्रैश हो गई है और यह खुल नहीं पाएगी। सिर्फ आप ही उस एप को खोल पाएंगे। इसके लिए सबसे पहले अपने फोन में प्ले स्टोर से ‘स्मार्ट एपलॉक’ एप्लीकेशन डाउनलोड कर लें। इसके बाद जिन एप को पासवर्ड के साथ प्रोटेक्ट करना चाहते हैं उन्हें इसमें एड करें और इन्हें खोलने का पासवर्ड तय करें।

मोबाइल पर ईमेल और मैसेज पढ़िए नहीं सीधे सुनिए

अगर आपके मैसेज या ईमेल को कोई पढ़कर सुनाए और उसके लिए आपको शुल्क भी नहीं देना पड़े तो कैसा हो। एंड्राइड के गूगल प्ले स्टोर पर कई एप मौजूद है जो आपकी इस ख्वाहिश को पूरा कर सकते हैं इन्हें मुफ्त में इनस्टॉल भी किया जा सकता है। इसके अलावा यूजर अपने फोन में मौजूद एमएस ऑफिस और पीडीएफ फाइलों पर प्रिंट टेक्स्ट को आसानी से सुन सकते हैं। इन एप का फायदा सफर के दौरान भी लिया जा सकता है।
कॉपी करते ही बोलने लगेगा टेक्स्ट : गूगल प्ले स्टोर से ‘Easy text to speach’ को डाउनलोड करके मोबाइल में इंस्टॉल कर लें। इसके बाद यूजर अपने मोबाइल में मौजूद जिस फाइल या टेक्स्ट को कॉपी करेंगे वह तुरंत आवाज में बदल जाएंगे। यूजर जिस पैराग्राफ या लाइन को सुनना चाहते हैं उसे दबा कर रखें। पैराग्राफ या लाइन को सेलेक्ट करते ही कॉपी का विकल्प दिखाई देगा जैसे ही कॉपी के विकल्प पर क्लिक करेंगे तो यह अक्षर सुनाई देने लगेंगे। इससे अंग्रेजी उच्चारण भी सही होगा।
आवाज, स्पीड पर नियंत्रण संभव : गूगल प्ले स्टोर पर मौजूद ‘Text to voice’ एप में बोलने की गति और आवाज को नियंत्रित कर सकते हैं। अक्सर यूजर को तेज अंग्रेजी सुनने की आदत नहीं होती है और वह शब्दों को याद नहीं कर पाता। आवाज और बोलने की स्पीड को अपने हिसाब से सेट किया जा सकता है।
डेस्कटॉप का टेक्स्ट बोलेगा : जो यूजर अधिकतर समय डेस्कटॉप का इस्तेमाल करते हैं और उनके लिएमोबाइल में हर एक अक्षर को कॉपी करके सुनना मुश्किल होता है तो वह अपने डेस्कटॉप में ‘Speak it’ को इंस्टॉल करके किसी भी टेक्स्ट को कॉपी करके सुन सकते हैं। इसके लिए गूगल क्रोम ब्राउज़र का होना जरुरी है। ‘Speak it’ को इंस्टॉल करते ही डेस्कटॉप में ऊपर की तरफ दाईं ओर यूआरएल बॉक्स के बराबर में साउंड का निशान बन जाएगा। इससे यूजर किसी भी टेक्स्ट को सेलेक्ट करके आसानी से सुन सकता है।

एप डाउनलोड कर मोबाइल में बढ़ाएं इंटरनेट की रफ्तार

देश के 21 करोड़ 30 लाख लोग मोबाइल पर इंटरनेट का इस्तेमाल करते हैं। ये यूजर्स हर माह इंटरनेट पर औसत 235 रूपये तक खर्च करते हैं। यह आंकड़ा पिछले साल तक 173 रूपये था। यह आंकड़े मोबाइल यूजर्स का डाटा जुटाने वाली संस्था आई क्यूब की रिसर्च में सामने आये हैं। इनसे पता चलता है कि मोबाइल पर इंटरनेट सर्चिंग पर खर्च बड़ी तेजी से बढ़ा है। खर्च को सीमित रखना हर यूजर के लिए चुनौती है, थोड़ी सी सावधानी बरतें तो इंटरनेट डाटा भी बचेगा और इंटरनेट की रफ्तार भी बढ़ जाएगी।
अनेवो एक्सटेंड : स्मार्टफोन में इंटरनेट बिल को कम करने के लिए अनेवो एक्सटेंड (anavo extendapp) एप डाउनलोड करें। यह एंड्राइड और आईओएस ऑपरेटिंग सिस्टम को सपोर्ट करता है। अनेवो एप अपने सर्वर के जरिए मोबाइल में इस्तेमाल हो रहे एप और ब्राउज़र का डाटा ट्रांसफर करता है। यह एप डाटा की खपत को कम करता है और इंटरनेट की रफ्तार को बढ़ाता है। यह मोबाइल स्क्रीन पर बताता रहता है कि कितना डाटा सेव किया गया है।
ओपेरा टर्बो : लैपटॉप या कंप्यूटर में इंटरनेट खर्च को कम करने के लिए ओपेरा टर्बो (opera turbo app) का इस्तेमाल करें। ओपेरा विंडोज और मैक ऑपरेटिंग सिस्टम को सपोर्ट करता है। यह ब्राउज़िंग डाटा को कंप्रेस कर देता है। हालांकि, इससे पिक्चर, वीडियो क्वालिटी थोड़ी डल हो जाती है लेकिन सिस्टम में इंटरनेट की स्पीड तेज हो जाती है। इसके लिए क्रोम सेटिंग में जा कर इसे एक्टिव करना होता है।
मोबाइल सेटिंग में लिमिट फिक्स करें : अगर आपके पास 4 जीबी डाटा का प्लान है और उससे ज्यादा इस्तेमाल कर लेते हैं तो एक्स्ट्रा डाटा का चार्ज देना पड़ता है। मोबाइल के सेटिंग में जाकर डाटा यूज की लिमिट फिक्स कर लें। मोबाइल के सेटिंग ऑप्शन में जाएं और उसमें दर्शाए जा रहे वार्निंग लेवल को डाटा यूज के हिसाब से सेट कर दें। इसके साथ ही बैकग्राउंड डाटा को भी ऑफ कर दें। लिमिट से ज्यादा यूज होते ही खुद ब खुद इंटरनेट बंद हो जाएगा।
इन बातों का भी रखें ध्यान :
  • अगर हेवी डाटा खपत होने की संभावना है तो वाईफाई से काम करें।
  • फोन पर नोटिफिकेशन आते रहते हैं। इसकी जरुरत नहीं है तो नोटिफिकेशन बंद कर दें।
  • गेम खेलने के दौरान कई विज्ञापन और वीडियो एप आते हैं। गेम खेलने से पहले  इंटरनेट डाटा को बंद कर दें।
  • मोबाइल पर कोई वेबसाइट खोलते समय उसके डेस्कटॉप वर्जन से बचें।

Friday, 28 August 2015

मोबाइल पर ईमेल और मैसेज पढ़िए नहीं सीधे सुनिए

अगर आपके मैसेज या ईमेल को कोई पढ़कर सुनाए और उसके लिए आपको शुल्क भी नहीं देना पड़े तो कैसा हो। एंड्राइड के गूगल प्ले स्टोर पर कई एप मौजूद है जो आपकी इस ख्वाहिश को पूरा कर सकते हैं इन्हें मुफ्त में इनस्टॉल भी किया जा सकता है। इसके अलावा यूजर अपने फोन में मौजूद एमएस ऑफिस और पीडीएफ फाइलों पर प्रिंट टेक्स्ट को आसानी से सुन सकते हैं। इन एप का फायदा सफर के दौरान भी लिया जा सकता है।
कॉपी करते ही बोलने लगेगा टेक्स्ट : गूगल प्ले स्टोर से ‘Easy text to speach’ को डाउनलोड करके मोबाइल में इंस्टॉल कर लें। इसके बाद यूजर अपने मोबाइल में मौजूद जिस फाइल या टेक्स्ट को कॉपी करेंगे वह तुरंत आवाज में बदल जाएंगे। यूजर जिस पैराग्राफ या लाइन को सुनना चाहते हैं उसे दबा कर रखें। पैराग्राफ या लाइन को सेलेक्ट करते ही कॉपी का विकल्प दिखाई देगा जैसे ही कॉपी के विकल्प पर क्लिक करेंगे तो यह अक्षर सुनाई देने लगेंगे। इससे अंग्रेजी उच्चारण भी सही होगा।
आवाज, स्पीड पर नियंत्रण संभव : गूगल प्ले स्टोर पर मौजूद ‘Text to voice’ एप में बोलने की गति और आवाज को नियंत्रित कर सकते हैं। अक्सर यूजर को तेज अंग्रेजी सुनने की आदत नहीं होती है और वह शब्दों को याद नहीं कर पाता। आवाज और बोलने की स्पीड को अपने हिसाब से सेट किया जा सकता है।
डेस्कटॉप का टेक्स्ट बोलेगा : जो यूजर अधिकतर समय डेस्कटॉप का इस्तेमाल करते हैं और उनके लिए मोबाइल में हर एक अक्षर को कॉपी करके सुनना मुश्किल होता है तो वह अपने डेस्कटॉप में ‘Speak it’ को इंस्टॉल करके किसी भी टेक्स्ट को कॉपी करके सुन सकते हैं। इसके लिए गूगल क्रोम ब्राउज़र का होना जरुरी है। ‘Speak it’ को इंस्टॉल करते ही डेस्कटॉप में ऊपर की तरफ दाईं ओर यूआरएल बॉक्स के बराबर में साउंड का निशान बन जाएगा। इससे यूजर किसी भी टेक्स्ट को सेलेक्ट करके आसानी से सुन सकता है।