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Saturday, 9 April 2016

एंड्राइड यूजर के लिए जरुरी 5 शार्टकट

एंड्राइड यूजर के लिए फोन में करने को काफी कुछ होता है लेकिन हम इसकी कई खास बातों से अंजान हो सकते हैं। चाहें आप नये एंड्राइड यूजर हों या पुराने, ऐसे फीचर्स हैं जो आपको नहीं पता होंगे। हम बात करेंगे एंड्राइड के ऐसे ही कुछ कमाल शार्टकट की, जिन्हें आप जरुर इस्तेमाल करना चाहेंगे। ये शार्टकट हर एंड्राइड यूजर के लिए जरुरी हो सकते हैं।

बाइपास अनलॉकिंग : इस फीचर के जरिए आपके फोन को पता होगा कि कब फोन का अनलॉक होना सुरक्षित है। साथ ही उस समय यह अनलॉक रहेगा। एक बार जब आप विश्वसनीय स्थान, डिवाइस और वॉइस एड कर लेंगे तब जब भी आपको फोन में कुछ करना हो आप पिन, पैटर्न या पासवर्ड जो स्किप कर पाएंगे।
टेक्स्ट से करें कॉल रिजेक्ट : आपका फोन कॉलर्स को खुद बता सकता है कि आप कॉल का जवाब नहीं दे सकते हैं। इसके लिए आप सेटिंग एप में जाकर कॉल पर जाएं, फिर सेट रिजेक्ट मैसेज, क्रिएट, अब टेक्स्ट लिखकर सेव कर दें। अब आप जब भी कॉल रिजेक्ट करना चाहें इस मैसेज का इस्तेमाल कर सकते हैं।

ओके गूगल देगा जवाब : अब आप ओके गूगल से कहीं भी कुछ भी पूछ सकते हैं। इसके लिए आप गूगल सर्च एप में जाकर ओके गूगल का इस्तेमाल कर सकते हैं।

कांटेक्ट विजेट : जिन लोगों को आप अधिक कॉल करते हो उनके कांटेक्ट को होम स्क्रीन पर सेव कर लें। इससे आपको एड्रेस बुक में उस कांटेक्ट को नहीं ढूंढना होगा।

कैमरा : कई बार हमें जल्दी से फोटो लेनी होती है लेकिन फोन का लॉक अनलॉक कर एप्स में जाकर कैमरा ऑन करने तक में सारा सीन ख़राब हो जाता है।इसलिए अब एंड्राइड फोन में आप तुरंत ही कैमरा ऑन कर सकते हैं। लॉक स्क्रीन होने पर भी आपको कैमरे का ऑप्शन दिखेगा उसे लेफ्ट स्वाइप करें, कैमरा ऑन हो जाएगा। यह विकल्प हर एंड्राइड फोन में अलग-अलग हो सकता है।

Friday, 25 March 2016

फोन गैलरी से यूं छिपाएं वाट्सएप फोटो और विडियो

वाट्सएप पर अक्सर कुछ ऐसे निजी मैसेज आते हैं जो यूजर औरों की नजरों से छिपाकर रखना चाहते हैं। इनमें फोटो से लेकर विडियो तक शामिल है। निजी संदेशों पर दूसरों की नजर न पड़े, इसके लिए यूजर फोटो और विडियो देखने के बाद या तो उन्हें डिलीट कर देते हैं या फिर फोन में लॉक लगाकर रखते हैं। एंड्रायड यूजर इन दोनों उपायों पर अमल किए बगैर भी वाट्सएप फोटो और विडियो फोन की गैलरी से छिपाकर रख सकते हैं। फोन में सिर्फ ‘Es File Explorer’ एप डाउनलोड करने की जरुरत पड़ती है।

एप का कमाल : गूगल प्ले स्टोर पर मुफ्त में उपलब्ध Es File Explorer एसडी कार्ड में मौजूद वाट्सएप फोटो और विडियो को फोन की गैलरी से गायब करने की सुविधा देता है। यूजर जैसे ही एप खोलकर ‘इएस फाइल मैनेजर’ पर क्लिक करते हैं उन्हें ‘एसडी कार्ड’ का विकल्प दिखने लगता है। इसे चुनने पर पहले ‘वाट्सएप’ और फिर ‘मीडिया’ का फोल्डर खुल जाता है। ‘मीडिया’ के फोल्डर में ‘वाट्सएप इमेज’ और ‘वाट्सएप  विडियो’ का विकल्प होता है।
दो विकल्प उपलब्ध : Es File Explorer वाट्सएप की तस्वीरों और विडियो को छिपाने के दो विकल्प देता है। पहला ,यूजर ‘Whatsapp Images’ का नाम बदलकर ‘.Whatsapp Images’ और ‘Whatsapp Videos’ का ‘.Whatsapp Videos’ कर सकते हैं। दूसरा और ज्यादा उपयुक्त विकल्प है, ‘Whatsapp Images’ या ‘Whatsapp Videos’ पर क्लिक करना। इससे सारी वाट्सएप तस्वीरें और विडियो स्क्रीन पर नजर आने लगेंगे। यूजर को नीचे की ओर दिए ‘+’ के आइकन पर टैप करते हुए ‘File’ का विकल्प चुनना होगा। फिर ‘.nomedia’ टाइप करते हुए Ok पर क्लिक करना होगा। इससे फोन की गैलरी में मौजूद वाट्सएप फोटो और विडियो डिलीट हो जाएंगे। और अगर ऐसा न हो तो फोन की सेटिंग के रास्ते पहले एप फिर गैलरी एप में जाएं और ‘Clear Cache’पर क्लिक कर दें।
‘बुकमार्क’ से सहेजें पसंदीदा संदेश : वाट्सएप पर आने वाला कोई महत्वपूर्ण मैसेज बाकी संदेशों की भीड़ में खो न जाए, इसके लिए यूजर ‘बुकमार्क’ का विकल्प आजमा सकते हैं। मैसेज पर थोड़ा समय तक टैप करने पर सबसे ऊपर ‘स्टार’ का निशान नजर आता है। यूजर जैसे ही इसपर क्लिक करते हैं मैसेज बुकमार्क के तौर पर सेव हो जाता है।इन संदेशों को देखने की सुविधा वाट्सएप की सेटिंग के नीचे दिए ‘Starred Messages’ के विकल्प में उपलब्ध है।

Thursday, 3 March 2016

इंटरनेट पैक जल्दी खत्म होने की वजह वायरस तो नहीं

स्मार्टफोन के धीमा चलने या इंटरनेट पैक के तेजी से खत्म होने के लिए अक्सर लोग बैकग्राउंड में चलने वाले एप्लीकेशन को जिम्मेदार ठहराते हैं। कई बार बैकग्राउंड एप को बंद करने और कैशे फाइलों को डिलीट करने के बाद भी उनकी यह समस्या दूर नहीं होती। फोन में वायरस का आ जाना इसका मुख्य कारण हो सकता है। दरअसल, एप डाउनलोड करते या कोई साइट खंगालते वक्त यूजर कई बार अनजाने में वायरस से लैस लिंक पर क्लिक कर देते हैं। इससे इंटरनेट सर्फिंग की गति तो धीमी हो ही जाती है, साथ में फोन कॉल और मैसेज टाइप करने जैसे साधारण कामों में भी दिक्कत आती है। इस सूरत में फोन की सेटिंग में जाकर फैक्ट्री रिसेट कर लेना बेहतर होता है।
खुद ब-खुद कॉल जाना भी ठीक नहीं : कांटेक्ट में मौजूद व्यक्ति को खुद ब-खुद कॉल, एसएमएस या ईमेल चले जाने की समस्या को भी हल्के में न लें। मुमकिन है इन संदेशों में ऐसे लिंक भी हों जिनके जरिए वायरस संबंधित व्यक्ति के फोन में चला जाए।
बैटरी की खपत बढ़ने पर सतर्क हो जाएं : स्मार्टफोन का बार-बार ऑफ होकर खुद से रीस्टार्ट होना, पूरी तरह से चार्ज करने के बावजूद बैटरी का कुछ ही मिनटों या घंटों में खत्म हो जाना और चार्ज करने, बात करने या इंटरनेट सर्फिंग के दौरान बैटरी का जरुरत से ज्यादा गर्म होना भी फोन में वायरस आने की निशानी हो सकती है। इसलिए इसके प्रति सावधान रहें।
फाइलों का करप्ट होना : फोन से डाटा अचानक उड़ जाए,फोटो या विडियो की जगह काली स्क्रीन दिखने लगे, और एप ठीक से काम न करें तो भी यूजर को वायरस के खतरे को लेकर सतर्क हो जाना चाहिए।
अतिरिक्त आइकन को फौरन डिलीट करें : कई बार आपने कोई चीज चीज डाउनलोड नहीं किया होता फिर भी उसका आइकन होमस्क्रीन में नजर आता है। मुमकिन है यह एप डाटा चुराने के इरादे से बनाया गया हो। नेट सर्फिंग के दौरान जरुरत से ज्यादा विज्ञापन आएं तो भी सावधान हो जाएं।

Sunday, 24 January 2016

दोबारा देखें फोन से हटाए गए नोटिफिकेशन

एंड्राइड फोन में ईमेल आईडी, वाट्सएप, ट्विटर, फेसबुक और अन्य जरूरतों को पूरा करने वाली एप्लीकेशन रहती है। इन एप से आने वाले नोटिफिकेशन की संख्या को गिनना बहुत ही मुश्किल है। इतने सारे नोटिफिकेशन से परेशान होकर कई बार यूजर इन्हें डिस्प्ले से स्वाइप कर देते हैं और सोचते हैं कि बाद में समय मिलने पर जवाब देंगे। मगर समय मिलने पर सभी नोटिफिकेशन को याद रखना मुश्किल है। इसके लिए आप सभी नोटिफिकेशन को दोबारा देख सकते हैं।
इसके लिए आपको फोन के विजेट्स पर जाना होगा जिसके दो तरीके हैं। कुछ देर स्क्रीन पर टच करके रखें इसमें डिस्प्ले पर विजेट्स और सेटिंग का विकल्प खुलकर सामने आ जाएगा। जबकि विजेट्स में जाने का दूसरा विकल्प मेन्यू को खोलकर उसकी डिस्प्ले को दाईं तरफ से बाईं ओर स्वाइप करें। डिस्प्ले पर दिख रहे सेटिंग के विजेट्स पर जाएं। सेटिंग विजेट्स को कुछ देर दबा कर रखें। जब सेटिंग का विजेट्स मेन्यू स्क्रीन पर आ जाएगा तो उसे वहां छोड़ दें। जैसे ही आप सेटिंग के विजेट्स को छोड़ेंगे तो सेटिंग का शॉर्टकट डिस्प्ले पर खुलकर आ जाएगा। इसे आप नीचे की ओर स्क्रॉल करेंगे तो यहां नोटिफिकेशन लॉग का विकल्प दिखेगा। इसपर क्लिक कर सभी पुरानी नोटिफिकेशन देखी जा सकती है।
पढ़े हुए नोटिफिकेशन का बदला होगा रंग : आपने जिन नोटिफिकेशन को पढ़ लिया है उनका रंग स्लेटी (ग्रे) हो जाएगा और जिन नोटिफिकेशन को अब तक देखा नहीं गया है वे गहरे रंग में दिखाई देंगे। इस सूची में ट्विटर, वाट्सएप, हैंगआउट के नोटिफिकेशन भी होंगे। इस फीचर का फायदा केवल वही यूजर उठा सकते हैं जिनके फोन में 4.3 जेलीबीन ऑपरेटिंग सिस्टम या उससे ऊपर का ऑपरेटिंग सिस्टम मौजूद है। नोटिफिकेशन हटाने के लिए नोटिफिकेशन ऑटो क्लियर एप का भी इस्तेमाल किया जा सकता है।
रोक भी सकते हैं नोटिफिकेशन की बाढ़ : कई बार फोन में ढेरों नोटिफिकेशन की बाढ़ आ जाती है। इसमें से कुछ ऐसे एप भी हैं जिनके नोटिफिकेशन आप पसंद नहीं करते हैं तो उनके नोटिफिकेशन बंद कर सकते हैं। इसके लिए सेटिंग में जाएं। वहां दिए गए Apps के विकल्प को चुनें। इसमें जिस एप को आप बंद करना चाहते हैं उसे क्लिक करें और आपके सामने Force Stop और Uninstall का विकल्प दिखाई देगा। इसके नीचे मौजूद Show Notifications के विकल्प के बॉक्स पर क्लिक कर उससे मार्क हटा दीजिए। इसके बाद उस एप का नोटिफिकेशन आना बंद हो जाएगा।

Tuesday, 22 December 2015

सबसे ऊपर दिखेगी आपके पसंदीदा एप की नोटिफिकेशन

फोन में कई बार कुछ एप्लीकेशन के नोटिफिकेशन एक साथ आ जाते हैं। इसी नोटिफिकेशन की भीड़ में हमारे पसंदीदा एप के नोटिफिकेशन सबसे नीचे चले जाते हैं। सेटिंग में बदलाव कर किसी विशेष एप्लीकेशन की नोटिफिकेशन सबसे ऊपर देख सकते हैं।
एंड्राइड फोन में अपनी पसंदीदा एप की नोटिफिकेशन सबसे ऊपर पाने के लिए यूजर को सेटिंग में जाना होगा। उसके बाद ‘Sound and notification’ के विकल्प पर क्लिक करें। इसमें आपको नीचे की ओर ‘App notification’ का विकल्प मिलेगा उसपर जाएं। इसमें उस एप्लीकेशन का चयन करें जिसकी नोटिफिकेशन को प्राथमिकता देना चाहते हैं। आपको प्रायोरिटी का विकल्प दिखाई देगा उसे ऑन कर दें। इससे आप जब भी अपने नोटिफिकेशन को चेक करेंगे पसंदीदा एप की नोटिफिकेशन दिखाई देगी।
फोन और मैसेज के नोटिफिकेशन में एप करेगा मदद : पसंदीदा एप के साथ अगर आप चाहते हैं कि कुछ खास लोगों के फोन और उनके द्वारा भेजे गए टेक्स्ट मैसेज का नोटिफिकेशन आप तक पहुंचता रहे, भले ही आपका फोन साइलेंट मोड पर क्यों न हो। इसके लिए आपको Priority Notifications Full एप को फोन में इंस्टॉल करना होगा। इसमें आप कुछ कॉन्टैक्ट को मिलाकर प्रायोरिटी लिस्ट तैयार कर सकते हैं। यह लिस्ट एक से ज्यादा भी हो सकती है।
छुपा भी सकते हैं नोटिफिकेशन : जब आप कुछ लोगों के पास बैठे होते हैं और आपको लगता है कि कहीं वे आपके नोटिफिकेशन से उन मैसेज को न पढ़ ले तो आप सेटिंग में बदलाव कर किसी एक एप के नोटिफिकेशन को बंद कर सकते हैं। इसके लिए आपको सबसे पहले फोन की सेटिंग में जाना होगा उसके बाद ‘Sound and notification’ के विकल्प पर क्लिक करना होगा। इसमें नीचे की ओर ‘App notification’ का विकल्प दिखाई देगा, उसपर क्लिक करें। उस एप का चयन करें जिसके नोटिफिकेशन को बंद करना चाहते हैं। नोटिफिकेशन को ऑफ कर दें।
डीपी की फोटो नहीं करनी होगी क्रॉप : अब वाट्सएप की प्रोफाइल पिक्चर को बिना क्रॉप किए पूरी तस्वीर लगाना मुमकिन है। इसके लिए ‘SquareDroid’ एप डाउनलोड करना होगा। अगर गैलरी में मौजूद किसी भी फोटो को प्रोफाइल पिक्चर बनानी है तो एप खोल ‘Take a foto’ पर क्लिक कर उसे चुनें। नई तस्वीर लेना चाहते हैं तो ‘Pick a foto’ का विकल्प भी उपलब्ध है। इसके बाद फोटो एडिट कर ऊपर दिए ‘Save’ के विकल्प पर क्लिक करें। इससे फोटो गैलरी में सेव हो जाएगी। वाट्सएप पर आप इसे बिना क्रॉप किये ही लगा सकेंगे।

Thursday, 17 December 2015

चार आसान तरीके फ्री वाईफाई से रखेंगे सुरक्षित

रेलवे स्टेशन, एयरपोर्ट और हाईवे में अब फ्री वाईफाई की सुविधा दी जाने लगी है। सरकार की इस सुविधा का फायदा जितना आम युवाओं को हो रहा है उतना ही खतरा भी बढ़ गया है। फ्री इन्टरनेट की आड़ में कई गिरोह यूजर्स का मोबाइल डाटा चुराने का काम क्र रहे हैं।  ऐसे में जरुरी है कि कुछ आसान सी बातों का ध्यान रखा जाए जिससे फ्री वाईफाई का फायदा भी उठाया जा सके और अपने मोबाइल के डाटा को किसी गलत हाथ में पड़ने से रोका जा सके।
  1. शेयरिंग को बंद क्र दें : अगर आप होटल या रेस्तरां में वाईफाई का इस्तेमाल क्र रहे हैं तो अपने कंप्यूटर में वाईफाई शेयरिंग को बंद कर दें। इसके लिए सबसे पहले कंप्यूटर या लैपटॉप के ‘Computer Panel’ को खोलकर Network में जाएं। वहां Network And sharing Center पर क्लिक करें। उसके बाद बाईं ओर दिए गए Advance Sharing Setting पर जाएं। वहां Public Folder Sharing में दिए दो विकल्प में से नीचे वाले विकल्प का चयन करें। इससे पब्लिक नेटवर्क पर कंप्यूटर/लैपटॉप की फाइलों की शेयरिंग बंद हो जाएगी।
  2. http को चेक करें : http यानी हाइपर टेक्स्ट ट्रांसफर प्रोटोकॉल। इसके जरिए पता चलता है कि वेबसाइट सुरक्षित है। अगर http के आगे लॉक आइकॉन है तो इसका मतलब है कि वेबसाइट पूरी तरह सुरक्षित है। अगर पब्लिक वाईफाई इस्तेमाल क्र रहे हैं तो यह जरुर चेक करें कि यह सुरक्षित है या नहीं।
  3. फायर-वॉल को सक्रिय करें : मौजूदा समय में ज्यादातर ऑपरेटिंग सिस्टम बेसिक फायरवॉल के साथ ही आते हैं। इसे ऑन करने से प्राइवेसी को बढ़ाया जा सकता है। फायरवॉल सक्रिय करने के लिए  ‘Control Panel’ में जाएं। यहां ‘System Security’ पर क्लिक कर ‘Window Firewall’ को खोलें और ‘On’ बटन पर क्लिक करें। होटल-रेस्तरां में वाईफाई का इस्तेमाल करने से पहले वहां के स्टाफ से उसके वाईफाई यूजर नेम की जानकारी जरुर ले लें।
  4. Forget Network जरुर करें : वेब ब्राउज़िंग करने के बाद अपने डिवाइस से पब्लिक वाईफाई सर्विस को हटा दें। ऐसा करने से फोन दोबारा पब्लिक वाईफाई की रेंज में आने पर खुद कनेक्ट नहीं होगा। कई बार आपका मोबाइल जेब में रहता है लेकिन वाईफाई जोन में आते ही अपने आप कनेक्ट हो जाता है। इसके लिए वाईफाई ऑप्शन के अंदर जाकर उस नेटवर्क पर टैप करने के बाद Forget Network के ऑप्शन पर क्लिक करें।

Wednesday, 21 October 2015

इंटरनेट की दुनिया में कई ऐसी एप्लीकेशन और वेबसाइट हैं जिनके जरिए अपनी पहचान छिपाकर कॉल की जा सकती है। इतना ही नहीं, यह भी तय किया जा सकता है जिस फोन पर कॉल की जा रही है वहां पर कौन सा नंबर दिखना चाहिए। यानि कॉल जिसके नंबर से आ रही है, असल में दूसरी ओर वह होता ही नहीं है। इन एप के जरिए न सिर्फ फेक कॉल की जा सकती है बल्कि मैसेज भी भेजे जा सकते हैं। कुछ एप तो आवाज तक को बदल देते हैं। हालांकि इन एप के इस्तेमाल के लिए पैसे देने पड़ते हैं।

छिप जाएगी कॉलर आईडी : इंटरनेट पर मौजूद कुछ एप के जरिए लोग अपनी कॉलर आईडी छिपा सकते हैं। वे यह भी तय कर सकते हैं कि फोन कॉल प्राप्त करने वाले व्यक्ति की डिस्प्ले पर इनकमिंग कॉल में कौन सा नंबर दिखाई देगा।
बदल जाएगी आवाज : स्पूफकार्ड एप कॉलर आईडी बदलने के साथ लोगों को उनकी आवाज बदलकर कॉल करने की सुविधा देती है। कॉलर आईडी छुपाने वाली अधिकतर एप का सर्वर अमेरिका में है लेकिन भारत में भी इनका दुरूपयोग हो सकता है। इन एप्लीकेशन का दावा है कि वे दोस्तों के साथ मजाक करने के लिए ऐसी सुविधा देती है। फेक कॉल को रिकॉर्ड करने की भी सुविधा है।

पहचान छिपाकर मैसेज : कई ऐसी वेबसाइट मौजूद हैं जिनके जरिये किसी भी मोबाइल नंबर पर मैसेज भेजा जा सकता है। इसके लिए रजिस्ट्रेशन भी नहीं करना पड़ता इससे मैसेज भेजने वाले की पहचान नहीं हो पाती है। भारत में भी कई ऐसी वेबसाइट हैं।
कैसे करें बचाव ? 
किसी अनजान नंबर या फिर परिचित नंबर से आने वाली कॉल के दौरान किसी भी प्रकार का शक होता है तो सतर्क होने की जरुरत है। उस पर कॉल बैक कर के देख लेना चाहिए कि क्या वास्तव में परिचित ने ही कॉल की थी क्योंकि फेक कॉल एप के जरिये सिर्फ कॉलर आईडी बदली हुई दिखती है। हकीकत में कॉल उस नंबर से नहीं आती है। अगर किसी कॉल पर संदेह है तो उस व्यक्ति द्वारा कही गई बातों परिवार वालों और दूसरे दोस्तों से जरूर बताएं। अनजान नंबर से धमकी मिलने पर पुलिस को जरूर सूचित करें।

Saturday, 5 September 2015

दोबारा पाएं स्मार्टफोन से डिलीट हो गई दोस्तों की यादें

स्कूल और कॉलेज लाइफ में खूब दोस्त बनते हैं। दोस्तों संग बिताये पलों को अपने फोन में संभालकर हर कोई रखता है। पर कई बार गलती से या किसी की शैतानी से आपका डाटा डिलीट हो जाता है। ऐसे में थोड़ी सी जानकारी से आप अपना डाटा वापस पा सकते हैं। इंटरनेट पर कई ऐसे सॉफ्टवेयर मौजूद है जिनकी मदद से डिलीट हुए डाटा को वापस स्टोर किया जा सकता है। इन सॉफ्टवेयर से कार्ड में सेव गाने, फोटो, वीडियो व दूसरी फाइलों को रीस्टोर किया जा सकता है।
एंड्राइड यूजर को जीमेल से मिल सकता है कांटेक्ट : एंड्राइड फोन इस्तेमाल करने वाले लोग जीमेल के जरिए फोन में सेव कांटेक्ट को वापस हासिल कर सकते हैं। गूगल के एंड्राइड ऑपरेटिंग सिस्टम पर चलने वाले फोन में सेव कांटेक्ट जीमेल में सेव हो जाते हैं। गूगल के मुताबिक फोन से डिलीट हुए कांटेक्ट को 30 दिन के अंदर ही जीमेल से प्राप्त किया जा सकता है। इसके लिए फोन में लॉग-इन होने वाले जीमेल अकाउंट का ही इस्तेमाल किया जा सकता है। कांटेक्ट नंबर रीस्टोर करने के लिए कंप्यूटर पर जीमेल अकाउंट लॉग-इन करें। इसके बाद कंपोज के ऊपर जीमेल लिखा हुआ दिखेगा। यहां क्लिक करने के बाद कांटेक्ट का विकल्प आएगा। इस विकल्प को खोलने परफोन में सेव कांटेक्ट मिल जाएंगे।
हर फाइल मिलेगी वापस: फोन या कैमरा के मेमोरी कार्ड से डिलीट हुआ डाटा कुछ सॉफ्टवेयर की मदद से हासिल किया जा सकता है। कार्ड में अगर तस्वीरें, वीडियो, म्यूजिक, ईमेल, डॉक्यूमेंट और अन्य फाइलें डिलीट हो गयी है तो उन्हें भी आसानी से हासिल किया जा सकता है। मेमोरी कार्ड में डाटा डिलीट होने के बाद एक बात का ख्याल जरूर रहे कि फोटो या वीडियो डिलीट होने पर मेमोरी कार्ड को इस्तेमाल न करें। इसे तुरंत फोन से निकाल लें।
ऐसे पाएं कार्ड से डिलीट हुआ डाटा:
    •  recuva.en.softonic.com पर जाकर इसे डाउनलोड कर लें।
    • कार्ड रीडर से मेमोरी कार्ड लगाएं।
    • recuva को खोलने पर कई फाइल के फॉर्मेट मिलेंगे।
    • आप किसी भी फाइल को रिकवर करना चाहते हैं तो ‘अंदर’ के विकल्प पर क्लिक करें।
    • फाइल लोकेशन का विकल्प आएगा। यहां ब्राउज़ माई कंप्यूटर से मेमोरी कार्ड को सेलेक्ट करें। यहां डिलीट हुआ सभी डाटा मिल जाएगा।

स्मार्टफोन से कमा सकते हैं लाखों रु.

अगर आपके पास स्मार्टफोन है और फोटोग्राफी का शौक रखते हैं तो आपघर बैठे लाखों रूपए कमा सकते हैं। कई ऑनलाइन वेबसाइट आपके फोटो खरीदने के लिए तैयार हैं। आप फोटो खींचकर वेबसाइट पर अपलोड कर सकते हैं। कंपनी इन फोटो का इस्तेमाल दुनिया के अलग-अलग देशों में करती हैं। यदि आपका फोटो चुना जाता है, तो आपको एकमुश्त भुगतान के बाद रॉयल्टी भी मिलेगी।
विभिन्न वेबसाइट्स पर फोटो भेजने के लिए जरूरी नहीं कि आपके पास प्रोफेशनल कैमरा हो, आप अपने स्मार्टफोन से भी फोटो खींच सकते हैं। हालांकि, फोटो पिक्सल का ख्याल रखना जरूरी है। पिक्चर क्वालिटी बेहतर होगी, तभी कंपनी आपको डिमांड भेजेगी।
इन वेबसाइट्स पर कर सकते हैं फोटो अपलोड
इस वेबसाइट के 100 देशों में 1.50 मिलियन के अधिक क्लाइंट हैं। शुरुआत में फोटो की कीमत उसकी क्वालिटी के आधार पर तय की जाती है। कंपनी की डिमांड के मुताबिक आपको फोटो उपलब्ध करानी होगी। जिसके बाद आपको उसकी कीमत मिल सकेगी।
इस वेबसाइट का दावा है कि वह 150 से अधिक देशों में डील करती है। अब तक यह अपने कंट्रीब्यूटर को 250 मिलियन डॉलर से अधिक पेड कर चुकी है। कंपनी के पास रॉयल्टी फ्री फोटो अपलोड करने का भी ऑप्शन है।
वेबसाइट पर फोटो, इलस्ट्रेशन और वीडियो अपलोड किए जा सकते हैं। यहां आपको रॉयल्टी फ्री फोटो अपलोड करने का विकल्प मिलेगा। हां, आपके द्वारा लिए गए फोटो के पिक्सल अच्छे होने चाहिए। इसके लिए बेहतर कैमरा उपयोग करेंगे, तो अच्छा रेस्पॉस मिलेगा।

चार सावधानियों से मोबाइल को रखें वायरस से दूर

मल्टीमीडिया फोन जितनी सुविधाएं दे रहे हैं उतनी ही समस्याओं का कारण भी बन रहे हैं। साइबर सुरक्षा पर काम करने वाली एक कंपनी के मुताबिक हर 5 वां एंड्रॉयड यूजर वायरस की चपेट में आता है। वायरस फोन को तो नुकसान पहुंचाते ही हैं साथ ही इससे जरुरी और निजी जानकारियों के चोरी होने की आशंका भी बढ़ जाती है। ऐसे में जरुरी है कि आप पहले से सजग रहें।
सावधानी 1 : क्लोन एप से रहें सावधान : गूगल प्ले स्टोर पर ऐसे भी एप हैं जो किसी प्रचलित एप जैसे ही दिखते हैं लेकिन स्पैम भेजने का काम करते हैं। इसका सबसे बड़ा उदाहरण नकली ‘बीबीएम’ एप है। इसके साथ ही कई एप ऐसे भी हैं जो डाउनलोड करने पर मैलवेयर नहीं देते लेकिन अपडेट करने पर फोन में वायरस आ जाता है।
सावधानी 2 : वाईफाई और हॉटस्पॉट बंद रखें : घर से बाहर निकलते ही अपने वाईफाई को बंद कर दें। अगर कहीं अनजान सोर्स से वाईफाई नेटवर्क आ भी रहा हो तो उसका इस्तेमाल नहीं करना समझदारी होगी। ओपन वाईफाई में वायरस आने का खतरा बहुत ज्यादा होता है। इसके अलावा फोन या टैबलेट में वेब ब्राउज़िंग के दौरान अगर कोई वेबसाइट लॉटरी या गिफ्ट का लालच दे तो उस पर क्लिक न करें। इस तरह की ईमेल से भी वायरस का खतरा बना रहता है।
सावधानी 3 : ब्लूटूथ को रखें ऑफ : फोन का ब्लूटूथ तभी ऑन करें जब जरुरत हो और इसके बाद तुरंत ऑफ़ भी कर दें।
सावधानी 4 : एप डाउनलोड करने से पहले देखें : किसी भी एप को डाउनलोड करने से पहले आपको उसकी शर्तों को मंजूर करना होता है। मगर अक्सर उन शर्तों को बिना पढ़े एक्सेप्ट पर क्लिक करना खतरनाक साबित हो सकता है। कई एप में यह शर्त होती है कि एप आपके लोकेशन, कांटेक्ट लिस्ट, सोशल मीडिया अकाउंट, ईमेल, टेक्स्ट और वीडियो मैसेज, कैलेंडर जैसी जानकारियों को एक्सेस कर सकता है।

एप डाउनलोड कर मोबाइल में बढ़ाएं इंटरनेट की रफ्तार

देश के 21 करोड़ 30 लाख लोग मोबाइल पर इंटरनेट का इस्तेमाल करते हैं। ये यूजर्स हर माह इंटरनेट पर औसत 235 रूपये तक खर्च करते हैं। यह आंकड़ा पिछले साल तक 173 रूपये था। यह आंकड़े मोबाइल यूजर्स का डाटा जुटाने वाली संस्था आई क्यूब की रिसर्च में सामने आये हैं। इनसे पता चलता है कि मोबाइल पर इंटरनेट सर्चिंग पर खर्च बड़ी तेजी से बढ़ा है। खर्च को सीमित रखना हर यूजर के लिए चुनौती है, थोड़ी सी सावधानी बरतें तो इंटरनेट डाटा भी बचेगा और इंटरनेट की रफ्तार भी बढ़ जाएगी।
अनेवो एक्सटेंड : स्मार्टफोन में इंटरनेट बिल को कम करने के लिए अनेवो एक्सटेंड (anavo extendapp) एप डाउनलोड करें। यह एंड्राइड और आईओएस ऑपरेटिंग सिस्टम को सपोर्ट करता है। अनेवो एप अपने सर्वर के जरिए मोबाइल में इस्तेमाल हो रहे एप और ब्राउज़र का डाटा ट्रांसफर करता है। यह एप डाटा की खपत को कम करता है और इंटरनेट की रफ्तार को बढ़ाता है। यह मोबाइल स्क्रीन पर बताता रहता है कि कितना डाटा सेव किया गया है।
ओपेरा टर्बो : लैपटॉप या कंप्यूटर में इंटरनेट खर्च को कम करने के लिए ओपेरा टर्बो (opera turbo app) का इस्तेमाल करें। ओपेरा विंडोज और मैक ऑपरेटिंग सिस्टम को सपोर्ट करता है। यह ब्राउज़िंग डाटा को कंप्रेस कर देता है। हालांकि, इससे पिक्चर, वीडियो क्वालिटी थोड़ी डल हो जाती है लेकिन सिस्टम में इंटरनेट की स्पीड तेज हो जाती है। इसके लिए क्रोम सेटिंग में जा कर इसे एक्टिव करना होता है।
मोबाइल सेटिंग में लिमिट फिक्स करें : अगर आपके पास 4 जीबी डाटा का प्लान है और उससे ज्यादा इस्तेमाल कर लेते हैं तो एक्स्ट्रा डाटा का चार्ज देना पड़ता है। मोबाइल के सेटिंग में जाकर डाटा यूज की लिमिट फिक्स कर लें। मोबाइल के सेटिंग ऑप्शन में जाएं और उसमें दर्शाए जा रहे वार्निंग लेवल को डाटा यूज के हिसाब से सेट कर दें। इसके साथ ही बैकग्राउंड डाटा को भी ऑफ कर दें। लिमिट से ज्यादा यूज होते ही खुद ब खुद इंटरनेट बंद हो जाएगा।
इन बातों का भी रखें ध्यान :
  • अगर हेवी डाटा खपत होने की संभावना है तो वाईफाई से काम करें।
  • फोन पर नोटिफिकेशन आते रहते हैं। इसकी जरुरत नहीं है तो नोटिफिकेशन बंद कर दें।
  • गेम खेलने के दौरान कई विज्ञापन और वीडियो एप आते हैं। गेम खेलने से पहले  इंटरनेट डाटा को बंद कर दें।
  • मोबाइल पर कोई वेबसाइट खोलते समय उसके डेस्कटॉप वर्जन से बचें।