स्मार्टफोन के धीमा चलने या इंटरनेट पैक के तेजी से खत्म होने के लिए अक्सर लोग बैकग्राउंड में चलने वाले एप्लीकेशन को जिम्मेदार ठहराते हैं। कई बार बैकग्राउंड एप को बंद करने और कैशे फाइलों को डिलीट करने के बाद भी उनकी यह समस्या दूर नहीं होती। फोन में वायरस का आ जाना इसका मुख्य कारण हो सकता है। दरअसल, एप डाउनलोड करते या कोई साइट खंगालते वक्त यूजर कई बार अनजाने में वायरस से लैस लिंक पर क्लिक कर देते हैं। इससे इंटरनेट सर्फिंग की गति तो धीमी हो ही जाती है, साथ में फोन कॉल और मैसेज टाइप करने जैसे साधारण कामों में भी दिक्कत आती है। इस सूरत में फोन की सेटिंग में जाकर फैक्ट्री रिसेट कर लेना बेहतर होता है।
खुद ब-खुद कॉल जाना भी ठीक नहीं : कांटेक्ट में मौजूद व्यक्ति को खुद ब-खुद कॉल, एसएमएस या ईमेल चले जाने की समस्या को भी हल्के में न लें। मुमकिन है इन संदेशों में ऐसे लिंक भी हों जिनके जरिए वायरस संबंधित व्यक्ति के फोन में चला जाए।
बैटरी की खपत बढ़ने पर सतर्क हो जाएं : स्मार्टफोन का बार-बार ऑफ होकर खुद से रीस्टार्ट होना, पूरी तरह से चार्ज करने के बावजूद बैटरी का कुछ ही मिनटों या घंटों में खत्म हो जाना और चार्ज करने, बात करने या इंटरनेट सर्फिंग के दौरान बैटरी का जरुरत से ज्यादा गर्म होना भी फोन में वायरस आने की निशानी हो सकती है। इसलिए इसके प्रति सावधान रहें।
फाइलों का करप्ट होना : फोन से डाटा अचानक उड़ जाए,फोटो या विडियो की जगह काली स्क्रीन दिखने लगे, और एप ठीक से काम न करें तो भी यूजर को वायरस के खतरे को लेकर सतर्क हो जाना चाहिए।
अतिरिक्त आइकन को फौरन डिलीट करें : कई बार आपने कोई चीज चीज डाउनलोड नहीं किया होता फिर भी उसका आइकन होमस्क्रीन में नजर आता है। मुमकिन है यह एप डाटा चुराने के इरादे से बनाया गया हो। नेट सर्फिंग के दौरान जरुरत से ज्यादा विज्ञापन आएं तो भी सावधान हो जाएं।
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