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Thursday, 24 April 2014

फिर से पाएं खोई फाइल को

वह पल कितना टेंशन भरा होता है, जब कोई कंप्यूटर फाइल जिसमें आपका महत्वपूर्ण डाटा स्टोर है वह गलती से आपसे डिलीट हो जाता है। आप समझ बैठते हैं कि आपकी सारी मेहनत बेकार चली गई और वह फाइल दोबारा नहीं मिल सकती है। बहुत कम लोगों को ही पता होगा कि यदि कभी गलती से ऐसा हो जाए तो बहुत हद तक संभव है कि आप पुनः उस डिलीट फाइल को रिकवर कर सकते हैं। जी हां, आज आपको डिलीट फाइल से संबंधित कुछ ऐसी ही बात बताते हैं, जो आपके टेंशन को बहुत हद तक कम कर देगा। साथ ही आप अपने खोए हुए बहुमूल्य डाटा को फिर से वापस पा लेंगे। आमतौर पर जब हम कंप्यूटर में किसी फाइल को डिलीट करते हैं तो वह फाइल पहले रिसाइकिलबिन में जाती है। यदि आप फाइल को रिसाइकिलबिन से डिलीट करते हैं तो वह फाइल हमेशा के लिए डिलीट हो जाती है। लेकिन क्या आपको पता है कि जब आप ऐसा करते हैं तो आप एक तरह से हार्ड ड्राइव को यह संकेत देते हैं कि अब आपको उस फाइल की कोई जरुरत नहीं रह गई है और सिस्टम उस फाइल को हटा देता है और आप समझ बैठते हैं कि वह फाइल डिलीट हो चुकी है।
असलियत में वह फाइल अभी तक डिलीट नहीं हुई होती, बल्कि हार्ड ड्राइव बस उस फाइल को आपकी नजरों से ओझल कर देता है। फाइल का कंटेंट तुरंत समाप्त नहीं किया जाता है। वह फाइल तब तक स्टोर में रहती है, जब तक उस फाइल स्पेस को ओवरराईट नहीं किया जाता। आपको याद रखना चाहिए किसी डिलीट फाइल को पुनः रिकवर करना बहुत हद तक इस बात पर निर्भर करता है कि आपने कितने समय पहले उस फाइल को डिलीट किया था। जितनी जल्दी आप रिकवरी का प्रयास करेंगे सफलता के चांस उतने ही अधिक होंगे। 
अनडिलीट प्लस एक सॉफ्टवेयर टूल है, जिसकी सहायता से आप कंप्यूटर से डिलीट किए जा चुकी फाइल को फिर से वापस पा सकते हैं। इसका इंटरफेस बहुत ही सरल है तथा यह यूजर फ्रेंडली टूल है। इसकी प्रमुख विशेषता है कि यहां आप डिलीट फाइल को उसके साइज, डेट मोडिफाइड, फाइल नेम आदि की सहायता से भी फ़िल्टर कर सकते हैं।
पहले आप इस वेबसाइट से अनडिलीट प्लस के लेटेस्ट वर्जन को अपने कंप्यूटर पर इनस्टॉल कर लें। उसके बाद कंप्यूटर को स्कैन करें, जिससे डिलीट हुई फाइल दोबारा मिल जाएगी। यह मुफ्त सॉफ्टवेयर है। इस प्रक्रिया में आपको काफी सावधान रहने की जरुरत है। आप डिलीट फाइल को रिकवर करने से पहले इस बात को सुनिश्चित कर लें कि डिलीट फाइल किसी अन्य फाइल द्वारा ओवरराईट न हो चुकी हो। ऐसा करने के लिए जिस ड्राइव या डिस्क से फाइल डिलीट हुई थी, उस ड्राइव में कोई भी काम न करें। यदि आप उस ड्राइव में कोई भी नई फाइल सेव करते हैं तो ऐसा संभव है की उस हार्ड ड्राइव का वह ब्लॉक जहां डिलीट फाइल स्टोर थी, आपके द्वारा सेव की गई नई फाइल से ओवरराईट हो जाए और इससे पुराना डाटा खराब हो जाएगा। संक्षेप में कहें तो यदि आपने फाइल को सी ड्राइव से डिलीट किया था तो तब तक आप सी ड्राइव में कोई भी नई फाइल सेव नहीं करें, जब तक पुरानी डिलीट फाइल रिकवर नहीं हो जाए। अनडिलीट प्लस सॉफ्टवेयर को भी उस ड्राइव में इंस्टॉल नहीं करें। 

1 टिप्पणियाँ:

बहुत की काम जानकारी दी आपने मित्र धन्यवाद
ब्लॉग पोस्ट पर लगाए ताला

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