हमारे देश में पेट्रोलियम पदार्थों की मांग दिन-प्रतिदिन बढ़ती जा रही है जिसके कारण हमारा देश 80 प्रतिशत पेट्रोलियम पदार्थों को अन्य देशों से आयात करता है। आज पेट्रो पदार्थों के मूल्य के कारण पूरा विश्व चिंतित है। भारत जैसे विकासशील देश में जहां विकास की गति बढ़ रही है, वहां ऊर्जा की आवश्यकता भी बढ़ रही है।
बायोडीजल शत-प्रतिशत नवीनीकरणीय स्रोतों से बनाया जाता है। यह परंपरागत ईंधनों का एक स्वच्छ विकल्प है। बायोडीजल में पेट्रोलियम नहीं होता किन्तु इसे निश्चित अनुपात में पेट्रोलियम में मिलाकर विभिन्न प्रकार की गाड़ियों में प्रयोग किया जा सकता है। बायोडीजल अन्य वैकल्पिक ईंधनों से भिन्न होता है। बायोडीजल को बिना किसी परिवर्तन के डीजल इंजनों में प्रयोग कर सकते हैं। बायोडीजल विषैला नहीं होता है। परंपरागत ईंधनों की तरह यह प्रदूषण करने वाला धुआं नहीं पैदा करता।
कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों के परिणामस्वरूप हर देश ऊर्जा के वैकल्पिक स्रोत की तलाश में है। हमारे देश में जिन स्रोतों पर तेजी से विचार एवं कार्य हो रहा है उनमें सौर ऊर्जा, पवन ऊर्जा आदि कई विकल्प शामिल है। संभावनाओं की दृष्टि से देखने पर बायोडीजल सबसे प्रमुख रूप से उभरता है क्योंकि यह किसानों के हाथ में है। किसान बायोडीजल से लाभ पा सकते हैं और हम स्वयं आत्मनिर्भर बन सकते हैं। जैट्रोफा द्वारा बायोडीजल उत्पादन में 15 से 20 रूपये प्रति लीटर आय प्राप्त कर सकते हैं तथा इसके सह उत्पाद जैसे बीजों के खल, ग्लिसरीन, नेलपॉलिश भी प्राप्त कर सकते हैं।
अधिक बायोडीजल का उत्पादन करने हेतु हमारे यहां बायोडीजल उत्पादन के लिए जैट्रोफा (रतनजोत) के पौधे सर्वदा उपयुक्त है क्योंकि इसे हम बंजर भूमि में भी उगा सकते हैं। इस पौधे को जानवरों के द्वारा किसी भी प्रकार की हानि नहीं पहुंचाई जाती है। जैट्रोफा की फसल जल्दी (करीब 3 साल में) आ जाती है तथा एक बार इसकी सघन खेती कर लेने पर 30-40 वर्षों तक इसके फल-बीज उगते रहते हैं। हर गांव में जो भी बंजर जमीन है उसपर लगाने के लिए यह अत्यंत उपयोगी है।
जैट्रोफा की उपयोगिता
- जैट्रोफा का पौधा ऊसर, बंजर, शुष्क पथरीली और अन्य किसी भी प्रकार की भूमि पर आसानी से उगाया जा सकता है। जलभराव वाली जमीन पर इसको नहीं उगाया जा सकता है।
- पौधे को जानवर नहीं खाते हैं और न ही पक्षी नुकसान पहुंचाते हैं जिससे इसकी देखभाल करने की भी आवश्यकता नहीं है।
- जैट्रोफा पौधा बहुत ही कम समय में बढ़कर तैयार हो जाता है और लगाने के 2 वर्ष में उत्पादन प्रारंभ कर देता है।
- जैट्रोफा के पौधे को बार-बार लगाने की आवश्यकता नहीं है। एक बार लगाने पर निरंतर 40-50 वर्षों तक बीज प्राप्त होती रहती है।
- जैट्रोफा के बीजों में अन्य पौधों के बीजों की तुलना में तेल की मात्रा भी अधिक होती है। इससे 35-40 प्रतिशत तेल प्राप्त होता है।
- जैट्रोफा के पौधे को बेकार व बंजर भूमि पर उगाया जा सकता है।
- जैट्रोफा की खेती से गरीब और सीमांत किसानों को स्थानीय स्तर पर रोजगार और कमाई के अवसर प्राप्त होंगे।
बायोडीजल के गुण
- बायोडीजल के भौतिक और रासायनिक गुण पेट्रोलियम ईंधनों से जरा अलग है। यह एक प्राकृतिक तेल है जो वाहनों के इंजन को चलाने में पूर्णतः सक्षम है।
- इसके प्रयोग से निकलने वाला उत्सर्जन कोई प्रभाव नहीं छोड़ता क्योंकि इसमें धुआं व गंध न के बराबर है।
- बायोडीजल पेट्रोल की अपेक्षा जहरीले हाइड्रोकार्बन, कार्बन-मोनोक्साइड, सल्फर इत्यादि से वायु को दूषित नहीं करता है।
- बायोडीजल स्वास्थ्य और पर्यावरण की दृष्टि से सुरक्षित ईंधन है।
- यह जैव ईंधन अज्वलनशील होने के कारण सुरक्षित है। इसलिए इसके भंडारण और परिवहन में कोई खतरा भी नहीं है।
- बायोडीजल गाड़ी के इंजन की आयु सीमा भी बढ़ा देता है।

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