मंदी शब्द सुनने में बहुत बुरा लगता है। देश की खराब अर्थव्यवस्था का असर औरों पर भी पड़ता है क्योंकि सीधे और अप्रत्यक्ष तौर पर सभी एक-दूसरे से जुड़े हुए हैं। तो ऐसे में ये देखना समझदारी होगी कि आपका पैसा कहां खर्च हो रहा है। आप सोच रहे होंगे कि बंधी-बंधाई आमदनी में से अपने खर्चे पुरे कर लें यही बहुत है, ऐसे में बचत कैसे होगी। अपनी आर्थिक स्थति को सुधारने का संकल्प साल के किसी भी समय लिया जा सकता है। लेकिन आप चाहे जिस समय ऐसा करें, बुनियादी बातें एक समान ही रहती हैं। आर्थिक योजना के लिए इन बातों पर गौर करें।
कमाई से कम खर्च करें : ज्यादा कमाई करने की अपेक्षा कम खर्च करना आसान होता है। विभिन्न मदों में खर्च कम करके बड़ी बचत की जा सकती है।
कमाई से कम खर्च करें : ज्यादा कमाई करने की अपेक्षा कम खर्च करना आसान होता है। विभिन्न मदों में खर्च कम करके बड़ी बचत की जा सकती है।
बजट का पालन करें : बजट बनाकर चलने वाले व्यक्ति तात्कालिक बकायों का भुगतान करने और दूसरे लक्ष्यों के प्रावधान के लिए नकदी की बेहतर स्थिति में होता है। अपनी आमदनी से सबसे पहले बचत निकालने के बाद जरुरी और सामान्य कार्यों में खर्च करें।
क्रेडिट कार्ड की उधारी चुकता करें : समय पर अपने बिल, खासकर क्रेडिट कार्ड बकायों का भुगतान करने भर से आप हर महीने कुछ अतिरिक्त राशि बचा सकते हैं।
बचत का सही इस्तेमाल : अपनी आमदनी को बचत खातों में निरर्थक पड़े नहीं रहने दें। दरअसल बचत बैंक खाते में रखा धन आगे चल कर कम होता जाता है, क्योंकि बैंकों द्वारा दी गई ब्याज राशि मुद्रास्फीति दरों की भरपाई कभी नहीं हो सकती है। इसके अलावा, बचत बैंक राशि के ब्याज पर टैक्स भी लगता है।
समय पर करें फैसला : एक खाते की परिपक़्वता के बाद दूसरे खाते में पुनर्निवेश में देरी नहीं करें। निवेश साधनों के बारे में खुद जानकारी हासिल करें। एजेंट पर आँख मूंद कर भरोसा नहीं करें।
आपात कोष रखें तैयार : आपात कोष (इमर्जेंसी फंड) रुपयों का ऐसा संग्रह है, जो सामान्यतः ऐसे निवेश माध्यमों में निवेश किया जाता है, जहाँ से धन को जल्द नकदी में बदला जा सकता है।
समय पर करें फैसला : एक खाते की परिपक़्वता के बाद दूसरे खाते में पुनर्निवेश में देरी नहीं करें। निवेश साधनों के बारे में खुद जानकारी हासिल करें। एजेंट पर आँख मूंद कर भरोसा नहीं करें।
आपात कोष रखें तैयार : आपात कोष (इमर्जेंसी फंड) रुपयों का ऐसा संग्रह है, जो सामान्यतः ऐसे निवेश माध्यमों में निवेश किया जाता है, जहाँ से धन को जल्द नकदी में बदला जा सकता है।

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