नेट के जरिए धन अर्जित करने के वैध तरीकों पर पहले भी हमने चर्चा की थी। आइए इंटरनेट से आय के पाँच और तरीकों पर इस बार नजर डालते हैं।
ब्लॉगिंग
ब्लॉगिंग की शुरुआत तो अपने विचारों और रचनाओं को प्रकट करने के मंच के रूप में हुई थी, पर धीरे-धीरे उसका विस्तार हो चुका है। वर्डप्रेस, ब्लॉगर आदि के जरिए ब्लॉग बनाना बहुत आसान है। लेकिन क्या ब्लॉगों के लिए भी उसी तरह विज्ञापन जुटाए जा सकते है, जैसे की वेबसाइटों या पत्र-पत्रिकाओं के लिए जुटाए जाते हैं? यह थोड़ा मुश्किल तो है पर असंभव नहीं। बशर्ते आपका ब्लॉग किसी न किसी रूप में विशिष्ट हो और उसे पढ़ने वालों की संख्या अधिक हो। ऐसा अच्छी सामग्री के जरिए भी हो सकता है और और अच्छे पब्लिसिटी के जरिए भी।
ब्लॉगों पर गूगल और माइक्रोसॉफ्ट द्वारा दिए जाने वाले विज्ञापनों की प्रधानता है। गूगल ने विज्ञापनों का दायरा बढ़ाने के लिए अन्य वेबसाइटों तथा ब्लॉगों पर भी उन्हें देने की शुरुआत की थी। ऐसा ऐडसेन्स नामक कार्यक्रम के द्वारा किया गया, जिसके लिए कोई भी वेबसाइट या ब्लॉग संचालक आवेदन कर सकता है। छोटी सी क्रिया के बाद गूगल से एक कोड दिया जाता है जिसे अपने वेब-पेज में पेस्ट करने के बाद आपको गूगल द्वारा स्थानांतरित किए जाने वाले विज्ञापन मिलने लगते हैं। जिस पेज पर जैसी सामग्री उसी तरह का विज्ञापन गूगल द्वारा स्वचालित ढंग से दिखाया जाता है। लेकिन एक उलझन है, आपको पैसे तब मिलते हैं जब कोई व्यक्ति इन विज्ञापनों पर क्लिक करता है। इंटरनेट पर विज्ञापनों का तरीका पत्र-पत्रिकाओं और टेलीविजन से भिन्न है। यानि विज्ञापन को सिर्फ दिखाने भर से काम नहीं चलता, लोग उसके जरिए विज्ञापनदाता की वेबसाइट तक पहुंचे यह जरुरी है। इसे 'Pay-Par-Cick' प्रणाली कहा जाता है। जितने क्लिक, उन्हीं के अनुपात से आपका कमीशन तय होता है जो गूगल की ओर से आपके पूर्वनिर्धारित बैंक खाते में भेज दिया जाता है। विदेशों में कई ब्लॉगर इस तरह मिलने वाले विज्ञापनों के जरिए अच्छी खासी आय अर्जित कर रहे हैं। लेकिन वजह वही है कि अगर आपके पास उत्कृष्ट रचनाएं है तो पाठक है, और पाठक है तो विज्ञापन-जनित आय संभव है।
ब्लॉगों पर गूगल और माइक्रोसॉफ्ट द्वारा दिए जाने वाले विज्ञापनों की प्रधानता है। गूगल ने विज्ञापनों का दायरा बढ़ाने के लिए अन्य वेबसाइटों तथा ब्लॉगों पर भी उन्हें देने की शुरुआत की थी। ऐसा ऐडसेन्स नामक कार्यक्रम के द्वारा किया गया, जिसके लिए कोई भी वेबसाइट या ब्लॉग संचालक आवेदन कर सकता है। छोटी सी क्रिया के बाद गूगल से एक कोड दिया जाता है जिसे अपने वेब-पेज में पेस्ट करने के बाद आपको गूगल द्वारा स्थानांतरित किए जाने वाले विज्ञापन मिलने लगते हैं। जिस पेज पर जैसी सामग्री उसी तरह का विज्ञापन गूगल द्वारा स्वचालित ढंग से दिखाया जाता है। लेकिन एक उलझन है, आपको पैसे तब मिलते हैं जब कोई व्यक्ति इन विज्ञापनों पर क्लिक करता है। इंटरनेट पर विज्ञापनों का तरीका पत्र-पत्रिकाओं और टेलीविजन से भिन्न है। यानि विज्ञापन को सिर्फ दिखाने भर से काम नहीं चलता, लोग उसके जरिए विज्ञापनदाता की वेबसाइट तक पहुंचे यह जरुरी है। इसे 'Pay-Par-Cick' प्रणाली कहा जाता है। जितने क्लिक, उन्हीं के अनुपात से आपका कमीशन तय होता है जो गूगल की ओर से आपके पूर्वनिर्धारित बैंक खाते में भेज दिया जाता है। विदेशों में कई ब्लॉगर इस तरह मिलने वाले विज्ञापनों के जरिए अच्छी खासी आय अर्जित कर रहे हैं। लेकिन वजह वही है कि अगर आपके पास उत्कृष्ट रचनाएं है तो पाठक है, और पाठक है तो विज्ञापन-जनित आय संभव है।
इंटरनेट पर शॉपिंग
इंटरनेट पर शॉपिंग के लिए ebay, amazon, olx, flipkart जैसी वेबसाइट बहुत मशहूर हो चुकी है। इन वेबसाइटों पर आप न सिर्फ अपनी पसंद की चीजें खरीद सकते हैं, बल्कि अपनी चीजों को बेच भी सकते हैं। इन वेबसाइटों पर एक वर्चुअल स्टोर खोल कर आप आज से ही वस्तुएं बेचना शुरू कर सकते हैं, भले ही आपके पास उनकी सप्लाई के लिए कोई वास्तविक स्टोर नहीं हो। मान लीजिए की आप मधुबनी में रहते हैं जहां की मधुबनी पेंटिंग विश्वप्रसिद्ध है। आप इन वेबसाइटों पर पेंटिंग का एक स्टोर खोलिए और शहर के अच्छे कलाकारों की पेंटिंग वहां लगाइए। जब भी कोई देशी या विदेशी ग्राहक उनमें से किसी पेंटिंग को खरीदने के लिए भुगतान करे, संबंधित कलाकार के पास जाइए पेंटिंग खरीदिए या नई बनवाइए और भेज दीजिए। अपने वर्चुअल स्टोर में आप पुरानी किताबों से लेकर कपड़े, फर्नीचर, इलेक्ट्रोनिक सामान, पुरानी घड़ियां, कलात्मक सामग्री आदि बहुत कुछ बेच सकते हैं।
डोमेन रिसेलर
कई बड़ी वेब-होस्टिंग कंपनियां अपने कारोबार का विस्तार करने के लिए रिसेलर नियुक्त करती है। इसके लिए किसी विशेष योग्यता की आवयश्कता नहीं होती है और न ही किसी भी शहर में उनकी संख्या जैसी कोई सीमा होती है। वेब होस्टिंग और डोमेन नेम रजिस्ट्रेशन करने वाली कंपनियां जैसे Godaddy, Resellerspanel, Resellerclub, Hostgator, Manashosting आदि एक निर्धारित राशि जमा करके आपको अपनी वेबसाइट बनाने का मौका देती है जिस पर आप उनके उत्पादों और सेवाओं को अपनी दरों पर बेच सकते हैं। रिसेलर वेबसाइट बनाने के लिए आपको कोई मेहनत नहीं करनी होती क्योंकि उसका इ-कॉमर्स क्षमता से युक्त पूरा ढांचा इन कंपनियों द्वारा उपलब्ध कराया जाता है। एंट्री राशि देने और अपनी रिसेलर वेबसाइट सेटअप करने के बाद आपको कुछ नहीं करना है। ग्राहक स्वतः आपकी वेबसाइट से खरीददारी करेंगे और उनका भुगतान की गयी राशि गो-डैडी के पास पहुंच जाएगी। ग्राहकों के द्वारा खरीदी गयी सेवाओं के सही ढंग से चलने की जिम्मेदारी भी गो-डैडी की ही है और सेल के बाद सपोर्ट की भी। आप सिर्फ अपना कमीशन लीजिये और बेफिक्र रहिये। लेकिन हां ग्राहकों को अपनी वेबसाइट तक लाने के लिए विज्ञापन, ईमेल और जो कुछ भी आप कर सकें, वह जरूर करें क्योंकि यदि ग्राहक ही नहीं आएंगे तो आय भी प्राप्त नहीं होगी।
यू-टयूब यदि आपको वीडियोग्राफी का शौक है तो आप Youtube से जरूर ही परिचित होंगे। लेकिन क्या आपको पता है कि इस वेबसाइट पर बहुत अधिक सफल होने वाले वीडियो अपने निर्माताओं को काफी पैसे भी कमा कर दे रहे हैं? यदि आपके पास कोई मजेदार वीडियो है तो आप भी इस बेहद लोकप्रिय वीडियो वेबसाइट के पार्टनर प्रोग्राम में शामिल हो सकते हैं। यदि यू-टयूब आपके आवेदन को स्वीकार कर लेता है तो आपके वीडियो का प्रदर्शन करने वाले पेज पर कुछ विज्ञापन लगाए जाएंगे, जिनके द्वारा आपको धन प्राप्त हो सकता है। यू-टयूब पर सफलता अर्जित करने वाले वीडियो कोई दिग्गज फिल्मी सितारों या बड़ी हस्तियों से संबंध नहीं रखते। आप हम जैसे सामान्य लोगों के दैनिक जीवन के दृश्य भी वहा बहुत लोकप्रिय हो जाते हैं अगर वे थोड़े भी अलग हों। जैसे आपके पड़ोस से निकलते बारात का दृश्य जिसमें दूल्हा घोड़ी पर बैठा अकेला पीछे खड़ा रह गया है जबकि सारे बाराती बहुत आगे निकल चुके हैं। जैसे बिल्ली को चुनौती देता कोई चूहा या मस्त अंदाज में नृत्य करता कोई बच्चा।
विदेशों में तो कुछ लोग इस विकल्प को पूर्ण आजीविका के रूप में भी अपना चुके हैं और बाकायदा यू-ट्यूबे पर अपने चैनल चलाते हैं। लेकिन हर कार्य की तरह यहां भी सफलता के लिए विलक्षण प्रतिभा और लगन की जरुरत है। हालांकि एक बार पार्टनर प्रोग्राम के सदस्य बनने के बाद यू-टयूब खुद ही आपके वीडियो पेजों पर विज्ञापन लगाता है।
ऑनलाइन मार्केटिंग
यदि आपकी दिलचस्पी मार्केटिंग में है तो इंटरनेट पर मौजूद ढेर सारी सुविधाओं का इस्तेमाल किसी कंपनी के पक्ष में अभियान चलाने के लिए कर सकते हैं। ऐसी बहुत सारी कंपनियां है जो प्रिंट और टेलीविज़न पर तो बहुत दिखाई देती है, लेकिन ऑनलाइन जगत में उनकी उपस्तिथि महज अपनी वेबसाइट तक सीमित है। आप उनसे संपर्क कर ऑनलाइन प्रचार अभियान काम ले सकते हैं। यदि आप मार्केटिंग के उस्ताद हैं तो इसका लाभ उठाइये। ऐसे लोग प्रायः हजारों लोगों के ईमेल पते तैयार रखते हैं जिन्हे मजेदार शैली में लिखे गए विज्ञापन की प्रति भेजी जाती है। इस अभियान को चलाने के लिए विशेष किस्म के सॉफ्टवेयर जैसे Ezlistmailer, Sendblaster, Nesox आदि भी आते हैं जो एक झटके में हजारों ईमेल और न्यूज़लैटर्स भेजने काम करते हैं। ऐसे अभियान के लिए आप अपने शहर के मुख्य कॉलेजों, उभरती हुई कंपनियां बड़े शोरूमों, रिटेल स्टोरों आदि से संपर्क कर सकते हैं। आर्डर मिलने पर निजी तालमेल के साथ-साथ आपके अनुभव, मार्केटिंग की योग्यता और अन्य ग्राहकों के बीच साख का अहम योगदान होता है।

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